छछरौली (यमुनानगर)। बरौली माजरा ग्राम पंचायत में निजी जमीन पर पंचायत की राशि से गली निर्माण कराने के मामले में उपायुक्त यमुनानगर ने ग्राम पंचायत की सरपंच सुल्ताना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1) के तहत की गई है।
मामला गांव निवासी जगदीश की सीएम विंडो शिकायत से सामने आया। शिकायत संख्या CMOFF/N/2026/016451 में आरोप लगाया गया था कि सरपंच द्वारा गांव में निजी मलकियत की जमीन पर गली का निर्माण कराया गया और इस पर पंचायत की राशि खर्च की गई। शिकायत के बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, छछरौली और राजस्व विभाग से मामले की जांच करवाई गई।
जांच में सामने आया कि संबंधित गली खसरा नंबर 2//11/2 में बनी है और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन निजी मलकियत की है। आदेश में बताया गया है कि गली के निर्माण पर पंचायत की ओर से 4,88,946 रुपये खर्च किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जमीन पंचायत के नाम विधिवत हस्तांतरित नहीं की गई थी।
दस्तावेज के अनुसार 13 मई 2024 को ग्राम सभा की बैठक में सड़क से मुस्ताक के घर तक गली निर्माण के लिए करीब 180×20 फुट जमीन पंचायत को देने का प्रस्ताव रखा गया था। उस समय जमीन पंचायत के नाम कराने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में जांच के दौरान पंचायत के नाम हिब्बानामा अथवा रजिस्ट्री होने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
मामले में सरपंच को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 13 जुलाई 2026 को जवाब दिया और 28 जुलाई 2026 को निजी सुनवाई का अवसर दिया गया। इसके बाद बीडीपीओ छछरौली की रिपोर्ट और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उपायुक्त ने निलंबन का आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान सरपंच पंचायत की किसी कार्यवाही में भाग नहीं लेंगी। उन्हें पंचायत का रिकॉर्ड तथा उनके कब्जे में मौजूद चल-अचल संपत्ति बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।



