बिजली घरों की सुरक्षा को लेकर धारा 163 लागू, ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए

आमजन को हड़ताल में कोई परेशानी आए तो 1950 और डायल 112 पर दे सकते हैं सूचना

यमुनानगर। बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अक्तूबर की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर डीसी प्रीति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश जारी करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित न हो, ऐसा करने वाले खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही हर बिजली घर पर आवश्यकता अनुसार पुलिस तैनात रहेगी।

डीसी प्रीति ने कहा कि तीन दिन की हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाओं में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात सहित अन्य आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग से जुड़ी सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समय रहते स्टाफ की ड्यूटी लगाएं। जिले में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को लेकर धारा 163 लागू की गई है। आमजन को यदि इन तीन दिनों में हड़ताल के दौरान कोई परेशानी आती है तो वे टोल फ्री नंबर 1950 व डायल 112 पर फोन कर सूचना दे सकते हैं।

डीसी प्रीति ने कहा कि हड़ताल के दौरान सभी बिजली घरों पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। साथ ही बिजली निगम के अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई असामाजिक तत्व बिजली आपूर्ति बाधित न करें। अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उन्हें समझाने का प्रयास करें। उन्हें बताएं कि सरकार उनके साथ है। इसीलिए त्यौहारी सीजन को देखते हुए अपनी ड्यूटी करें। प्रयास किया जाए कि तकनीकी दक्षता वाले उपलब्ध कर्मचारियों की पहले से सूची बनाकर रखें। ताकि जरूरत अनुसार वे काम कर सकें। डीसी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते किसी तरह की परेशानी आती है तो डायल 112 व 1950 टोल फ्री नंबर पर फोन करके सूचना दें। ताकि समस्या का समाधान करवाया जा सके।

पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि हड़ताल के दौरान यदि कोई असामाजिक तत्व आवश्यक सेवाओं को बाधित करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत अनुसार पुलिस सभी बिजली घरों की सुरक्षा में तैनात रहेगी। इसके अलावा जहां भी जरूरत होगी, वहां पुलिस की तैनाती की जाएगी। बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता ने निगम की तैयारियों के बारे में आवश्यक जानकारी दी।

आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के लिए धारा 163 लागू-

तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के मद्देनजर बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट प्रीति ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए है। य़ह आदेश 24 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेंगे। इस दौरान बिजली सब-स्टेशन, ट्रांसमिशन लाइन, टावर, ट्रांसफॉर्मर और कंट्रोल रूम सहित बिजली से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचाने अथवा बिजली आपूर्ति बाधित नहीं कर सकते। अस्पतालों, जल आपूर्ति केंद्रों, परिवहन व्यवस्था और सरकारी भवनों जैसे आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों की बिजली आपूर्ति में बाधा डालने वालो पर कार्रवाई की जाएगी।

आदेश के तहत बिजली ढांचे की देखरेख, मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदारों को डराने-धमकाने, उनके कार्य में बाधा डालने या उनके साथ बल प्रयोग करने पर पाबंदी रहेगी। इसके अतिरिक्त, बिना वैध अनुमति के बिजली सब-स्टेशनों और अन्य सुरक्षित बिजली परिसरों में प्रवेश करना भी प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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