यमुनानगर (हरियाणा): पुलिस ने यमुनानगर जिले के छछरौली स्थित बालकुंज (चिल्ड्रन होम) के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी रिकॉर्ड में जानबूझकर छेड़छाड़, ओवरराइटिंग और जालसाजी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखविंदर सिंह की लिखित शिकायत और एक उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विंडो (CM Window) पर बालकुंज संस्थान को लेकर एक शिकायत (संख्या: CM/OFF/N/2026/031508) दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत की जांच के लिए उपायुक्त (DC) एवं अध्यक्ष बालकुंज यमुनानगर के निर्देशों पर एक औपचारिक जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी (WCD) यमुनानगर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) रादौर और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) छछरौली शामिल थे।
जांच समिति की पड़ताल में हुआ खुलासा
जांच समिति द्वारा बालकुंज के अभिलेखों (रिकॉर्ड) की विस्तृत जांच की गई। प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह पाया गया कि संस्थान के मूवमेंट रजिस्टर में दिनांक 09/07/2025 और 16/08/2025 की प्रविष्टियों (entries) में जानबूझकर किसी प्रकार के निजी लाभ के लिए और सरकारी पद का दुरुपयोग करके भारी काट-छांट और ओवरराइटिंग (दस्तावेजों पर दोबारा लिखना) की गई थी।
जांच समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि:
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संस्थान के ही किसी अज्ञात कर्मचारी या स्टाफ सदस्य ने दुर्भावना से यह कदम उठाया।
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इसका उद्देश्य झूठे सबूत गढ़ना, वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करना और संस्थान में कार्यरत अन्य निर्दोष अधिकारियों या कर्मचारियों को झूठा फंसाना था।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
जांच समिति की कड़ी सिफारिश के बाद, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखविंदर सिंह ने छछरौली पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं 318(4) और 316(2) के तहत मुकदमा नंबर 0167 दिनांक 14.06.2026 दर्ज कर लिया है।



