कलेसर, यमुनानगर।
वन्य प्राणी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कलेसर वन्य प्राणी विहार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव चिक्कन में छापेमारी कर खैर की छिली हुई लकड़ी के 13 नग बरामद किए हैं। इस मामले में चार स्थानीय लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी संलिप्तता की गहनता से जांच की जा रही है। पकड़ी गई लकड़ी लगभग छह क्विंंटल के करीब बताई जा रही है। जिसका बाजार मूल्य एक लाख के करीब बताया जाता है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
विभाग को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि गाँव चिक्कन निवासी मंगू के घर पर अवैध रूप से खैर की लकड़ी छीलकर रखी गई है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन्य प्राणी विभाग और पुलिस स्टाफ की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और तुरंत मौके पर दबिश दी गई।
मौके से बरामदगी
छापेमारी के दौरान टीम ने घटनास्थल से खैर की छिली हुई लकड़ी के लगभग 13 नग बरामद किए। बरामद लकड़ी को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में इन नामों का हुआ खुलासा
प्रारंभिक जांच के दौरान गाँव चिक्कन के चार व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं:
फिलहाल इन सभी की भूमिका और संलिप्तता की जाँच की जा रही है। साक्ष्यों के सत्यापन के बाद वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और वन अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आगामी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अभियान में शामिल अधिकारी
इस सफल छापेमारी और बरामदगी की कार्रवाई में वन्य जीव निरीक्षक राजवीर सिंह (वन्यजीव विहार कलेसर), डिप्टी रेंजर सुशील कुमार, वन दरोगा छवील दास, वन्यजीव रक्षक संजीव कुमार, प्रदीप कुमार, प्रदीप (अन्य वन्यजीव रक्षक) तथा अन्य सहयोगी कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई।
वन्य प्राणी विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निगरानी लगातार जारी है और अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों के खिलाफ पुलिस के सहयोग से सख्त कार्रवाई की जाएगी।





