ताजेवाला (यमुनानगर)
ताजेवाला क्षेत्र में अवैध खनन के मामले को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को अवैध रूप से खोदे गए विवादित क्षेत्र की जमीन का सटीक आकलन करने के लिए प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश (सीमांकन) की। इसके साथ ही जिस जमीन पर पत्थर का अवैध स्टाक किया गया वह किसकी है इसकी भी जांच की जानी थी। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, खनन व पुलिस बल और स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
सीएम फ्लाइंग की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए बीते 27 मई को सीएम फ्लाइंग (CM Flying Squad) की टीम ने मौके पर औचक औचक निरीक्षण किया था। सीएम फ्लाइंग के दौरे के बाद से ही इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया था।
पंचायत की भूमि या निजी जमीन? जांच में जुटेगा रेवेन्यू विभाग
अवैध खनन जिस जगह पर हुआ है, उसकी सटीक लोकेशन और मालिकाना हक को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
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बीडीपीओ की कार्रवाई: खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) ने विवादित खसरा नंबरों की जांच के लिए राजस्व विभाग को एक आधिकारिक पत्र लिखा था।
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पैमाइश का मुख्य उद्देश्य: इस जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि जिस खसरा नंबर पर मशीनों से खुदाई की गई है, वह ग्राम पंचायत की सरकारी जमीन है या किसी निजी व्यक्ति की मलकीयत है। इसके साथ ही अवैध पत्थर का जिस जमीन पर स्टाक किया गया वह किसकी है।
मौके की स्थिति: बीडीपीओ के इसी पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को प्रशासन की टीम ताजेवाला पहुंची और जमीन नापने का काम पूरा किया। राजस्व विभाग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।



