अल्प्राजोलम और डायजेपाम का हो रहा था अवैध उत्पादन • 400 लीटर रसायन जब्त • फैक्ट्री संचालक समेत दो गिरफ्तार

नई दिल्ली। देश में अवैध ड्रग्स के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने महाराष्ट्र के सातारा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गुप्त ड्रग निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी में भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक पदार्थ, उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले में फैक्ट्री संचालक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई को 1 अगस्त को खुफिया सूचना मिली थी कि सातारा जिले में अवैध रूप से अल्प्राजोलम और डायजेपाम का निर्माण कर देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई की तैयारी की जा रही है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पूरी अवैध लैब का खुलासा हो गया।

छापे में क्या-क्या मिला

  • 1 किलोग्राम तैयार अल्प्राजोलम
  • 15 किलोग्राम से अधिक इंटरमीडिएट (निर्माणाधीन) अल्प्राजोलम
  • 3.75 किलोग्राम डायजेपाम
  • करीब 400 लीटर रासायनिक मिश्रण और कच्चा माल
  • ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री

बरामद सभी पदार्थों और रसायनों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है।

पुणे से खरीदार भी गिरफ्तार

डीआरआई ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुणे से एक संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार किया। जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि बरामद ड्रग्स की अवैध तस्करी के लिए सौदा तय किया जा चुका था।

पहले भी जुड़े रहे हैं आरोपी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पहले भी अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण और तस्करी में शामिल रहे हैं। एजेंसी अब इनके नेटवर्क, कच्चे माल की सप्लाई चेन और ड्रग्स की डिलीवरी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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