पंचकूला :- पंचकूला के पिंजौर-बद्दी रोड पर 5 अगस्त की शाम सुखना चौ नदी में फंसे करीब 12 वर्षीय बच्चे और उसकी बकरी को अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकालने वाले बलबीर सिंह को पंचकूला पुलिस कमिश्नर ने सम्मानित किया। उनको पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने प्रशंसा पत्र एवं नकद पुरस्कार दिया। इस दौरान जीओ मैस में मौजूद पंचकूला पुलिस के अधिकारियों ने भी तालियों के साथ बलबीर सिंह की हौसला अफजाई की।
घटना 5 अगस्त की शाम करीब 6 बजे की है। पिंजौर-बद्दी रोड पर फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही सुखना चौ नदी में करीब 12 वर्षीय बच्चा अपनी बकरी को चराने के लिए आया था। इसी दौरान नदी में अचानक पानी का तेज बहाव बढ़ गया, जिसके चलते बच्चा और बकरी दोनों नदी में फंस गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इसी दौरान वहां से स्कूटी पर गुजर रहे बलबीर सिंह, निवासी जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, हाल निवासी पिंजौर, की नजर नदी में फंसे बच्चे पर पड़ी। बलबीर सिंह बद्दी स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी जान की परवाह किए बगैर बच्चे को बचाने का निर्णय लिया। उन्होंने नदी के तेज बहाव के बीच पेट पर रस्सी बांधकर पाइप के सहारे नदी में बने पिलर तक पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान दूसरी तरफ मौजूद अन्य लोगों ने भी उनका सहयोग किया और संयुक्त प्रयास से बच्चे तथा बकरी दोनों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया।
बलबीर सिंह के इस साहसिक कार्य का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद उनकी बहादुरी की खूब सराहना हुई। पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने बलबीर सिंह को पुलिस लाइन में सम्मानित करते हुए प्रशंसा पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान बलबीर सिंह ने पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जब उन्होंने बच्चे को नदी में फंसा देखा तो उन्हें लगा कि किसी भी तरह उसकी जान बचानी चाहिए।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बलबीर सिंह की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें समाज का असली हीरो बताया। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहनों से स्टंट कर अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालना बहादुरी नहीं है। युवाओं को बलबीर सिंह जैसे लोगों से सीख लेनी चाहिए कि साहस का सही इस्तेमाल किसी की जान बचाने और समाज की मदद करने में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे स्टंट करने वालों की जरूरत है, जो अपनी सूझबूझ, सतर्कता और सावधानी से किसी की जिंदगी बचाने के लिए आगे आएं, न कि ऐसे लोगों की जो वाहनों से हवाबाजी कर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं।
पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि किसी की जान बचाने के लिए आगे आना सराहनीय है, लेकिन ऐसे किसी भी बचाव प्रयास के दौरान सतर्कता, सावधानी और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बलबीर सिंह ने जिस साहस और मानवता का परिचय दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है और अन्य लोगों को भी जरूरत के समय मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।


