निगम की टीम ने बीडब्ल्यूजी श्रेणी में आने वाले विभिन्न रिजॉर्ट, पैलेस व क्लबों का किया निरीक्षण
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 एवं नई सोच, नया शहर, स्वच्छ हरियाणा अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने बुधवार को शहर के बीडब्ल्यूजी (बल्क वेस्ट जनरेटर) श्रेणी में आने वाले विभिन्न रिजॉर्ट, मैरिज पैलेस और क्लबों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बीडब्ल्यूजी नियमों की उल्लंघना मिलने पर कर्ण रिजॉर्ट व सुरभि पैलेस का चालान किया गया। जांच में यहां कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा बीडब्ल्यूजी नियमों का उल्लंघन होता मिला। जिस पर निगम द्वारा कार्रवाई की गई।
नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर सफाई निरीक्षक सुशील शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन शहरी के आईईसी विशेषज्ञ आकाश कुमार व होमगार्ड के जवानों की टीम ने बुधवार को बीडब्ल्यूजी (बल्क वेस्ट जनरेटर) श्रेणी में आने वाले कर्ण रिजॉर्ट, सुरभि पैलेस, जिमखाना क्लब समेत विभिन्न रिजॉर्ट, पैलेस और क्लब का निरीक्षण किया। जांच में कर्ण रिजॉर्ट, सुरभि पैलेस में बीडब्ल्यूजी के नियमों की उल्लंघना पाई गई। निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सफाई निरीक्षक सुशील शर्मा द्वारा चालान किए गए। निरीक्षण के दौरान संस्थानों में बनाए गए कम्पोस्ट पिट की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर कम्पोस्टिंग पिट का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा था और गीले कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कम्पोस्टिंग के लिए नहीं डाला जा रहा था। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को कम्पोस्टिंग पिट का सही उपयोग करने तथा गीले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया को नियमित रूप से अपनाने के निर्देश दिए।
सफाई निरीक्षक सुशील शर्मा ने संस्थानों के प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में कचरा प्रबंधन से संबंधित सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को ध्यान में रखते हुए शहर में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बीडब्ल्यूजी की श्रेणी में आने वाले सभी होटल, मैरिज पैलेस और अन्य संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए कि वे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट अर्थात एसडब्ल्यूएम अधिनियम 2016 और बीडब्ल्यूजी गाइडलाइन 2017 के नियमों का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करें। संस्थानों से निकलने वाले गीले कचरे से परिसर में ही खाद तैयार की जाए और सूखे कचरे का पृथक रूप से निस्तारण किया जाए। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। इसके साथ ही रीसाइक्लेबल कचरे को केवल अधिकृत रीसाइक्लर तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
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