यमुनानगर / कलेसर: देवधर के सुरक्षित वन क्षेत्र (PF) में खैर के कीमती पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर तस्करी करने वाले एक गिरोह का वन विभाग की गश्ती टीम ने पर्दाफाश किया है। वन विभाग ने मौके से दो तस्करों को रंगे हाथ दबोचकर अवैध खैर की लकड़ी और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों को अगली कानूनी कार्रवाई के लिए थाना प्रताप नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
सुबह 6:30 बजे भूड़कलां पुल पर घेराबंदी
वन दरोगा (इंचार्ज दादूपुर ब्लॉक) विकास नेहरा और वन दरोगा (इंचार्ज मुजाहिदवाला बीट) अनुज कुमार 13-14 अक्टूबर की रात को क्षेत्र में गश्त पर थे। सुबह करीब 06:30 बजे भूड़कलां पुल के पास एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल गुजरती दिखाई दी, जिस पर अवैध खैर की लकड़ी लदी हुई थी।
वन विभाग की टीम को देखते ही मोटरसाइकिल चालक ने भूड़-खिजराबाद रोड की तरफ बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा किया और कुटीपुर गांव के पास दो लोगों को दबोच लिया।
आरोपियों की पहचान और कबूलनामा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान शाहिद और रवि कुमार के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह लकड़ी देवधर जंगल में बल्लेवाला-बेलगढ़ रास्ते के पास से काटी है। इसके बाद वन विभाग की टीम आरोपी रवि कुमार को साथ लेकर देवधर के जंगल में पहुंची, जहां मौके पर खैर के तीन पेड़ ताजा कटे हुए पाए गए। विभाग की ओर से मौके पर ही क्षति रिपोर्ट (FOR 072/199 दिनांक 14.10.2026) तैयार कर मुंडियों पर नंबर अंकित किया गया।
दो और साथी गिरोह में शामिल, पुलिस तलाश में जुटी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि इस अवैध कटान और तस्करी के खेल में उनके दो अन्य साथी भी शामिल हैं।
BNS और वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग
वन दरोगा विकास नेहरा ने थाना प्रताप नगर प्रभारी को पत्र सौंपकर सुरक्षित वन क्षेत्र देवधर में पेड़ काटने पर भारतीय वन अधिनियम की धारा 32 व 33 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। वन विभाग ने पुलिस से आग्रह किया है कि इस खैर तस्करी गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और यह लकड़ी कहां बेची जा रही थी, इसकी गहनता से छानबीन की जाए।



