कालका। वन डिविजन मोरनी-पिंजौर की कालका रेंज के गांव जट्टामाजरी के पास वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी से लदी एक संदिग्ध गाड़ी को काबू किया। मामले में एक आरोपी को मौके से काबू किया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और रास्तों का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने पकड़ी गई गाड़ी से खैर के 16 लट्ठे/टुकड़े बरामद किए हैं। एफआईआर के अनुसार बरामद संपत्ति की कीमत करीब एक लाख रुपये दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धाराओं 26, 32 और 33 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

रात में संदिग्ध गाड़ी घूमती दिखी, वनकर्मियों ने पीछा किया

शिकायत के अनुसार घटना 27 सितंबर 2026 की रात की है। प्रेमपुरा चेक पोस्ट पर तैनात वन विभाग के कर्मचारियों को गश्त के दौरान एक संदिग्ध सफेद रंग की गाड़ी घूमती दिखाई दी। बताया गया है कि यह गाड़ी सुखोमाजरी वन क्षेत्र से जट्टामाजरी की तरफ कई चक्कर लगा रही थी।

संदेह होने पर वन विभाग की टीम ने गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। रात करीब 11 बजे जट्टामाजरी गांव के पास टीम ने गाड़ी में तीन लोगों को कुछ दूरी पर लकड़ी लोड करते हुए देखा। इसके बाद कर्मचारियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया।

दो लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भागे

वन विभाग की टीम को देखकर तीनों संदिग्ध भागने लगे। इनमें से एक व्यक्ति मान सिंह उर्फ गोरा निवासी गांव कर्णपुर, पिंजौर को मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे और आसपास के रास्तों का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस रिकॉर्ड में फरार बताए गए आरोपियों के नाम तारा और बिल्ला, निवासी जट्टामाजरी दर्ज किए गए हैं।

गाड़ी से मिले खैर के 16 लट्ठे, आरा भी बरामद

वन विभाग की टीम ने मौके पर गाड़ी की जांच की तो उसमें खैर की लकड़ी के 16 लट्ठे/टुकड़े पाए गए। एक हाथ से चलाए जाने वाला आरा भी बरामद होने का उल्लेख है। वन विभाग ने गाड़ी और बरामद लकड़ी को कब्जे में लेकर संबंधित वन कानून के तहत जब्ती की कार्रवाई की। आरोपी से पूछताछ के दौरान फरार दोनों व्यक्तियों के नाम-पते सामने आने की बात भी एफआईआर में दर्ज है।

पूछताछ में लकड़ी बेचने के लिए ले जाने की बात सामने आई

 शिकायत के अनुसार मौके पर पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की गई। उसके द्वारा कथित तौर पर बताया गया कि खैर की लकड़ी को मुल्लापुर ले जाकर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।

लकड़ी काटने की जगह की तलाश में जंगल में घूमती रही टीम

सुबह उजाला होने के बाद आरोपी को जट्टामाजरी के आसपास उस स्थान की पहचान कराने के लिए ले जाया गया, जहां से लकड़ी काटे जाने की बात सामने आई थी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर टीम को कई घंटे तक जंगल में इधर-उधर घुमाया और बाद में लकड़ी बेचने की जगह दिखाने के लिए मुल्लापुर ले जाने की बात भी दर्ज है।

इसके बाद आरोपी को वापस रेंज कार्यालय लाया गया और शिकायत व जब्ती रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजी गई। वन विभाग ने यह भी कहा है कि लकड़ी चोरी के वास्तविक स्थान का पता लगाने के लिए विभागीय जांच जारी है और विस्तृत रिपोर्ट बाद में भेजी जाएगी।

पिंजौर थाने में दर्ज हुई एफआईआर

वन विभाग की शिकायत मिलने के बाद पिंजौर थाना पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज की। मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धाराएं 26, 32 और 33 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 लगाई गई हैं।

वन क्षेत्र से खैर कटान की जांच भी जारी

मामले में वन विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि बरामद लकड़ी के संबंध में विभागीय जांच जारी है। एफआईआर में लकड़ी काटे जाने के वास्तविक स्थान का पता लगाने और अपराध की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की बात कही गई है। इसलिए फिलहाल यह जांच का विषय है कि बरामद खैर की लकड़ी वास्तव में किस स्थान से काटी गई थी और इस मामले में कितने लोग शामिल थे।

हाइलाइट्स

  • जट्टामाजरी के पास खैर की लकड़ी से भरी गाड़ी पकड़ी
  • गाड़ी से खैर के 16 लट्ठे/टुकड़े बरामद
  • एक आरोपी मौके से काबू, दो आरोपी फरार
  • एक हाथ से चलने वाला आरा भी बरामद
  • लकड़ी की दर्ज कीमत करीब 1 लाख रुपये
  • पिंजौर थाने में वन अधिनियम और BNS की धाराओं में केस
  • लकड़ी काटे जाने के वास्तविक स्थान की जांच जारी
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