अम्बाला / साहा।
अम्बाला वन मण्डल में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साहा वन रेंज के अंतर्गत आने वाली धनौरा बीट के इंचार्ज और वन रक्षक (छूट प्राप्त वन दरोगा) सुरेन्द्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अप्रैल 2026 से ही हाईकोर्ट ने हरियाणा में किसी भी प्रजाति के पेड़ के कटान पर रोक लगाई हुई है उसके बावजूद यहां पर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए। मामला न केवल पेड़ काटने का था, बल्कि कम पेड़ों की रिपोर्ट करने का भी था।
क्या है पूरा मामला?
वन राजिक अधिकारी (साहा) द्वारा की गई स्थल निरीक्षण रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी और लापरवाही पाई गई थी। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, NH-344 (104 KM से 105 KM, दाईं ओर) का निरीक्षण करने पर पाया गया कि कर्मचारी सुरेन्द्र सिंह ने कागज़ों पर कम पेड़ों की कटाई दिखाई थी:
20 अप्रैल 2026 (चालान FOR-023/0099):केवल 20 पेड़ कटे होने का उल्लेख किया गया था
*24 अप्रैल 2026 (चालान FOR-024/0099):केवल 22 पेड़ कटे दर्शाए गए थे।
हालाँकि, जब वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच और स्थल निरीक्षण (Physical Verification) किया, तो वहां कुल 80 पेड़ अवैध रूप से कटे हुए पाए गए।
विभागीय कार्रवाई और निलंबन के आदेश
उप वन संरक्षक (अम्बाला वन मण्डल) नरेश रंगा द्वारा जारी कार्यालय आदेश के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है। छूट प्राप्त वन दरोगा वन रक्षक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बताया जाता है इस एरिया में कोई कालोनी काटी जा रही थी, जिसमें पेड़ काटने के लिए एफसीए के तहत आवेदन किया जाना था, मगर बिना पेड़ों को काटने के आवेदन के पेड़ काट दिए गए, ओर उसकी गलत रिपोर्ट वन रक्षक द्वारा की गई। वहीं अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट ने भी बिना अनुमति किसी भी तरह के पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। उसके बावजूद इस बीट पर इन पेड़ों को काटने दिया गया।
जांच के बाद की गई कार्रवाई
इस बारे में जब डीएफओ अंबाला नरेश रंगा से बात की गई तो उनका कहना था कि यह मामला उनकी ज्वायनिंग से पहले का था, जब उनके संज्ञान में यह आया उन्होंने तुरंत जांच करवाई व गडबड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की है। इसके अलावा भी अगर किसी का दोष पाया जाता है तो उस पर भी आगामी कार्रवाई होगी।




