नई दिल्ली: डायरेक्टरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) ने खुफिया जानकारी के आधार पर देश भर में एक बड़ा समन्वित अभियान चलाकर अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के तहत 440 से अधिक लुप्तप्राय व संरक्षित जंगली जानवरों को बचाया गया है और लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत व उससे बनी वस्तुएं जब्त की गई हैं। तस्करी में शामिल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

हाथीदांत तस्करी के खिलाफ कार्रवाई:

  • राजस्थान (सुजानगढ़): DRI ने 10 जुलाई 2026 को कार्रवाई करते हुए अवैध व्यापार में शामिल लोगों से लगभग 11 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किया। इस मामले में 4 लोगों को पकड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंपा गया।

  • मैसूर (कर्नाटक): एक अन्य अभियान में DRI ने 4 किलोग्राम हाथीदांत जब्त कर 3 आरोपियों को पकड़ा।

  • हावड़ा (पश्चिम बंगाल): दो लोगों के पास से हाथीदांत से बनी देवी-देवताओं की दो मूर्तियां जब्त की गईं। संदेह है कि इन्हें बांग्लादेश से तस्करी कर भारत लाया गया था।

अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर जब्ती: बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से भारत आने वाले यात्रियों के माध्यम से की जा रही वन्यजीवों की तस्करी को नाकाम किया गया है। बचाई गई विदेशी व संरक्षित प्रजातियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • एल्बिनो रेड-ईयर्ड कछुआ, अफ्रीकन स्पर्ड कछुआ।

  • हाइपो जीरो बियर्डेड ड्रैगन, ग्रीन इगुआना, मैंग्रोव मॉनिटर छिपकली, अर्जेंटीना की काली और सफेद टेगु, इंडोनेशियाई नीली जीभ वाली स्किंक।

  • बोर्नियो अजगर, पीले पेट वाला बॉल पायथन, पेस्टल बॉल पायथन, रेड सैंड बोआ।

  • गोएल्डी मार्मोसेट, पीले गाल वाले गिब्बन, सियामांग गिब्बन, ऊनी बंदर और सिल्वरी लुटुंग।

अन्य राज्यों में अभियान और बरामदगी: बेंगलुरु, वारंगल, पुणे, सूरत, चेन्नई, कोलकाता, त्रिची, मदुरै, श्रीकाकुलम और होजई (असम) सहित विभिन्न स्थानों पर चलाए गए अभियानों में पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल, सीहॉर्स से बनी चीजें और रेड सैंडर्स (लाल चंदन) जैसे प्रतिबंधित उत्पाद बरामद किए गए।

कानूनी प्रावधान और सहयोगी एजेंसियां: भारतीय हाथी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत सूचीबद्ध है, जिसके कारण हाथियों और उनके उत्पादों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके अतिरिक्त, सीआईटीईएस (CITES) और भारत की विदेश व्यापार नीति के तहत भी हाथीदांत के वाणिज्यिक व्यापार और इसके आयात-निर्यात पर रोक है।

इस पूरे ऑपरेशन को सीबीआई (CBI), वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), सीमा शुल्क की हवाई अड्डा खुफिया इकाइयों, राज्य वन विभागों और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

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