नवाजपुर-मालीमाजर, जगाधरी। मानसून सीजन में पिछले दो तीन दिन से लगातार बारिश के बाद यमुना में उफान आ चुका है, मगर सिंचाई विभाग के काम अधर में है। 30 जून 2026 को कामों की डेडलाइन समाप्त होने के बावजूद भी कहीं काम पूरे नहीं हुए तो कहीं पर अभी सही ढंग से शुरु नहीं हुए। यमुना के बिल्कुल किनारे बसे गांव नवाजपुर-मालीमाजरा में स्टोन स्टीनिंग का काम लगभग 800 मीटर का काम जो अभी ढंग से शुरु भी नहीं हुआ है वहां आखिर कब पूरा होगा। ग्रामीण चिंतित है कि आखिर यमुना का पानी खेतों के किनारों से टकराने लगा है ओर सिंचाई विभाग को कोई चिंता ही नहीं है। विभाग के एसडीओ का कहना है कि काम तेजी पर है जबकि ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर काम की ढंग से शुरुआत भी नहीं हुई है।

सिंचाई विभाग की वाटर सर्विसेज डिविजन जगाधरी के खिजराबाद उपमंडल के अंतर्गत पड़ने वाले नवाजपुर-मालीमाजरा में यमुना नदी किनारे लगने वाला स्टोन स्टीनिंग काम कब शुरु होगा ओर कब पूरा होगा। इसकी चिंता ग्रामीणों को सताए जा रही है। यहां पर कुछ दिन पहले ही पत्थर पहुंचा है वह भी छोटा-बड़ा यानी जो नार्मस है उसके हिसाब से तो पत्थर भी नहीं पहुंचा। ग्रामीण वेदपाल का कहना है कि आखिर विभाग व ठेकेदार कहां सोया हुआ है। यहां पर जो काम 30 जून तक पूरा हो जाना चाहिए था वहां अभी पत्थर ही पहुंचा है जबकि 11 जुलाई जा चुकी है। ऐसे में अगर संबधित एजेंसी काम नहीं कर रही तो विभाग के अधिकारी कहां पर है। उनको बाढ़ का खतरा सता रहा है। यमुना का पानी खेतों के किनारों से टकरा रहा है।

पूर्व सरपंच जोगेंद्र सिंह का कहना है कि पिछली बार भी यहां पर ढंग से काम नहीं किया गया, पहले यहां पर पत्थर डाल दिया गया उसके बाद यहां से कई ट्रक पत्थर ढो कर कहीं ओर ले जाया गया। इस बार तो काम आखिर कब शुरु होगा कब पूरा होगा पता ही नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका गांव यमुना के बिल्कुल किनारे बसा हुआ है। ऐसे में जो काम 30 जून को पूरा होना चाहिए उसका अता पता तक नहीं है। अगर बारिश इसी प्रकार निरंतर चलती रही तो यमुना का पानी सीधा खेतों से होकर आबादी की ओर रुख करेगा। मगर किसी को चिंता तक नहीं है।मानसून सीजन शुरु हो चुका है यमुना में बहाव तेज हो गया है।

नियम व शर्तों का पालन कराने में अधिकारियों की विफलता

30 जून डेडलाइन बीत जाने के बाद जो एजेंसी काम में देरी करती है, उन पर नियमानुसार भारी पेनल्टी लगाई जाती है। मगर यहां पर अधिकारियों का रवैया पेनल्टी लगाना तो दूर उल्टा बचाने का लगता है। अधिकारी आपूर्ति को कारण बता रहे है जबकि टेंडर के नियम व शर्तो में यह स्पष्ट कहा गया है कि काम को 30 जून या उससे पूर्व करना होगा। किसी भी तरह का समय का विस्तार नहीं किया जाएगा। काम पूरा न होने पर संबधित एजेंसी की जिम्मेदारी मानी जाएगी। तय समय पर काम पूरा न होने पर संबधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

समय पर पत्थर बोल्डर की उपलब्धता सुनिश्चित हो

बाढ़ से बचाव कार्यों की नियम व शर्ताें में यह स्पष्ट रुप से कहा गया है कि एजेंसी निविदा भरने से पूर्व कार्य हेतू आवश्यक बोल्डर की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। बाद में पत्थर बोल्डर की अनुपलब्ध्ता का कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही साइट पर वहीं पत्थर बोल्डर स्वीकार किए जाएंगे जिनके पास वैध परिवहन बिल यानी ई-रवाना होगा, कितनी साइटों पर वैध ई-रवाना के साथ पत्थर पहुंचा यह तो बाद की बात है मगर अभी तो काम पूरा होने पर ही सवाल है।

इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रियांशु का कहना है कि काम तेजी से चल रहा है। सप्लाई रुक जाने की वजह से काम लेट हो गया।

अब सवाल यह है कि आखिर किस चीज की सप्लाई रुक गई थी, काम को पूरा करने की जिम्मेदारी एजेंसी की है, तो आखिर अधिकारी कब काम को पूरा करवाएंगे। 

 

 

Sharing

Leave a Reply

error: Content is protected !!