पंचकूला/पिंजौर: पंचकूला जिले के पिंजौर क्षेत्र स्थित ‘वन्य प्राणी विहार बीड़ शिकारगाह’ में अवैध रूप से खैर के पेड़ काटने और चोरी-छिपे ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। वन्य प्राणी विभाग के स्टाफ के मौके पर पहुंचने से पहले वहां खैर से लदा कैंटर फरार हो गया। इसके साथ ही तस्कर मौके से भागने में सफल हो गए। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गश्त के दौरान हुआ खुलासा
प्राप्त जानकारी और पुलिस FIR के अनुसार, घटना 12 सितंबर 2026 की रात लगभग 10:30 बजे की है। बीड़ शिकारगाह के दरोगा अनिल कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। जोधपुर गांव के पास जबरोट नदी पार करने के बाद उन्हें एक संदिग्ध टाटा 407 (TATA 407) गाड़ी छिपी हुई दिखाई दी।
जैसे ही वन विभाग की गाड़ी पास से गुजरी, टाटा 407 के चालक ने गाड़ी स्टार्ट की और तेज रफ्तार में भगा ली। गाड़ी में कटी हुई खैर की लकड़ियां लदी हुई थीं। अंधेरे और तेज स्पीड का फायदा उठाकर गाड़ी चालक फरार हो गया, जिसके कारण उसका नंबर नोट नहीं किया जा सका।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे आरोपी, मौके से दो वाहन बरामद
घटना के दौरान दो व्यक्ति गाड़ी छोड़कर जंगल के अंधेरे की तरफ भाग निकले। कर्मचारियों ने उनकी पहचान जोधपुर गांव निवासी के रूप में की है।
जंगल में जब गहन छानबीन की गई तो बीड़ शिकारगाह वन्य प्राणी विहार के अंदर 6 खैर के पेड़ कटे हुए मिले। इसके अलावा, घटनास्थल के पास से एक मोटरसाइकिल और एक बिना नंबर प्लेट की स्कूटी खड़ी मिली। काफी देर तक जब कोई वाहनों को लेने नहीं आया, तो विभाग ने इन्हें अपने कब्जे में ले लिया।
5.20 लाख रुपये की लकड़ी बरामद
वन्य प्राणी विभाग ने मौके से कटी हुई खैर की लकड़ियों को जब्त कर अपने परिसर में पहुंचा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, चोरी की गई और काटी गई खैर की लकड़ी की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹5,20,000 (पाँच लाख बीस हजार रुपये) है।
सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज
दरोगा अनिल कुमार की लिखित शिकायत पर पिंजौर थाना पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है:
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वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act): धारा 2(12B), 2(15), 2(37), 26(A), 27, 29, 39 और 51
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भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 303 (चोरी)
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भारतीय वन अधिनियम, 1927 (Indian Forest Act): धारा 32 और 33




