बिल की राशि के 3 प्रतिशत के हिसाब से मांगी थी रिश्वत, मुख्यालय से टोकन क्लीयर करवाने की एवज में की थी मांग
जनस्वास्थ्य विभाग के डिवीजन नंबर-2 स्थित कार्यालय में एसीबी ने बिछाया ट्रैप, आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार

चंडीगढ़/जींद। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), जींद के डिवीजन नंबर-2 में तैनात सब डिवीजनल क्लर्क (SDC)  को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शिकायतकर्ता के लंबित बिलों की पेमेंट जारी करवाने तथा मुख्यालय से टोकन क्लीयर करवाने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है

5 लाख रुपये के बिल की पेमेंट जारी करने के बदले मांगे थे 3 प्रतिशत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उसने जनस्वास्थ्य विभाग के डिवीजन नंबर-2, जींद में जनरेटर और मोटर के रखरखाव का कार्य किया था। इस कार्य से संबंधित उसका लगभग 5 लाख रुपये का बिल भुगतान के लिए लंबित था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिल की पेमेंट जारी करवाने और मुख्यालय से टोकन क्लीयर करवाने के बदले कुल बिल राशि का 3 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा था। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत की मांग की और उक्त राशि स्वीकार करते हुए एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

एसीबी यूनिट जींद द्वारा बिछाया गया ट्रैप, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

शिकायत के आधार पर एसीबी यूनिट जींद की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। आरोपी को जनस्वास्थ्य विभाग के डिवीजन नंबर-2, जींद स्थित एसडीओ कार्यालय में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना SV&ACB करनाल में एफआईआर संख्या 30, दिनांक 5 नवंबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 5 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया है। मामले में नियमानुसार आगामी जांच एवं कानूनी कार्रवाई जारी है।

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