सरपंच प्रतिनिधि का कहना पिछले लंबे समय से पंचायत ने खोला हुआ अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा, उनका काम सूचित करना है कार्रवाई करना विभाग का काम है
ताजेवाला (यमुनानगर):
ग्राम पंचायत ताजेवाला की भूमि पर कथित अवैध खनन का मामला अब प्रशासनिक स्तर पर गरमा गया है। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (सीएम फ्लाईंग) की दबिश के बाद अब खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय प्रतापनगर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बीडीपीओ ने उप तहसीलदार को पत्र लिखकर संबंधित पंचायत भूमि की जल्द से जल्द निशानदेही (डेमार्केशन) कराने की मांग की है।
🚨 मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की कार्रवाई
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शिकायत पर एक्शन: मुख्यमंत्री उड़न दस्ते को पंचायत एरिया में अवैध खनन की शिकायत दी गई थी।
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मौका मुआयना: शिकायत के आधार पर 27 मई 2026 को सीएम फ्लाईंग की टीम ने ताजेवाला गांव पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
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मिले संदिग्ध सबूत: जांच के दौरान खसरा नंबर 155//3/2 में अवैध खनन की आशंका जताई गई। साथ ही, पास की जमीन पर नदी से निकाले गए पत्थर भी भारी मात्रा में बरामद हुए।
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सख्त निर्देश: उड़न दस्ते ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग को तुरंत जमीन की पैमाइश करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि खनन पंचायत की जमीन पर हुआ है या किसी निजी क्षेत्र में।
📋 प्रशासनिक हलचल और तैयारियां
इसके बाद बीडीपीओ प्रतापनगर ने उप तहसीलदार को पत्र भेजकर निशानदेही के लिए तुरंत तारीख तय करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही ताजेवाला के सरपंच और ग्राम सचिव को भी नोटिस की कॉपी भेजी गई है, ताकि तय समय पर मौके पर मौजूद रहकर सभी जरूरी प्रशासनिक प्रबंध पूरे किए जा सकें।
🗣️ सरपंच प्रतिनिधि का पक्ष: “हम खुद खनन माफिया के खिलाफ हैं”
इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत ताजेवाला के सरपंच प्रतिनिधि जाकिर हुसैन ने अपनी स्थिति साफ की है:
“पंचायत खुद लंबे समय से अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठा रही है। हमने कई बार बीडीपीओ कार्यालय, पुलिस और खनन विभाग को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजे हैं, जिसके आधार पर पहले एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। इसके आधार पर खनन माफिया पर कई बार लाखों रुपया जुर्माना भी लगाया गया है। हमने मांडेवाला रास्ते पर अवैध वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए थे, जिन्हें खनन माफिया तोड़ देते हैं।”
जाकिर हुसैन ने आगे कहा कि अवैध खनन के खिलाफ उनकी इसी सक्रियता से परेशान होकर कुछ लोग अवैध खनन के मसले पर अब सरपंच व पंचायत को अवैध खनन के मामले में लपेटने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं, बल्कि उन्होंने तो जांच टीम से यमुना नदी के पटरी (बांध) के पास हो रहे अवैध खनन की भी जांच करने की मांग की थी, लेकिन टीम वहां नहीं गई। उनके अनुसार, कार्रवाई करना खनन व अन्य संबधित विभागाें का काम है, और पंचायत ने हमेशा अपना दायित्व निभाते हुए समय-समय पर विभागों को सूचित किया है, जिसका पूरा रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है।



