पंचकूला – जिला पंचकूला पुलिस ने पिंजौर में हुए हत्या मामले का महज तीन घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस गंभीर वारदात में शामिल चार मुख्य आरोपियों को काबू कर लिया गया है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पिंजौर थाना में पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि पिंजौर के मेन बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना हुई है, जिसमें लगी गंभीर चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई है। सूचना प्राप्त होते ही थाना पिंजौर प्रभारी एवं पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जांच प्रक्रिया प्रारंभ की गई। घटनास्थल पर सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण करवाया गया।

प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पिता ने अपने बयान में बताया कि उनका बेटा जितेश मनोचा उर्फ किट्टू उनके साथ मेन बाजार पिंजौर स्थित कपड़े की दुकान पर कार्य करता था। दोपहर लगभग 3:15 बजे उनका बेटा अपने परिचित की गाड़ी में बैठकर बातचीत कर रहा था, तभी कुछ युवक अचानक वहां पहुंचे और उसे जबरन बाहर निकालकर डंडों तथा लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल जितेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पिंजौर में प्राप्त शिकायत और जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(3), 190 तथा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता एवं डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में तत्काल दो विशेष टीमों का गठन किया गया। थाना पिंजौर प्रभारी इंस्पेक्टर बच्चू सिंह तथा डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर निर्मल सिंह की अगुवाई में गठित टीमों ने मात्र तीन घंटे के भीतर इस वारदात में शामिल चार मुख्य आरोपियों को काबू कर लिया। आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी निवासी गणेशपुर भौरिया, पिंजौर, रोहित मेहता उर्फ विक्की निवासी नंगल कालका व मनीष कुमार निवासी रतपुर कालोनी, खुशदीप सिंह उर्फ दिपि वासी मानकपुर ठाकुरदास के रुप में हुई है। सभी आरोपी पंचकूला के वासी है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक जितेश मनोचा और आरोपी खुशदीप सिंह के बीच लगभग एक माह पूर्व दुकान के बाहर पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी तथा शिकायत थाना में दी गई थी, हालांकि बाद में आपसी समझौता हो गया था। लेकिन आरोपी खुशदीप ने विवाद को लेकर रंजिश रखते हुए अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मनप्रीत उर्फ मनी के खिलाफ पूर्व में भी लड़ाई-झगड़े के चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है तथा पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर कठोर कार्रवाई की जाए।

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