मुख्य मंदिर तक पहुंच के लिए लगेंगे एस्केलेटर
लक्ष्मी धर्मशाला भवन का नवीनीकरण 15 सितंबर 2026 तक होगा पूरा
पंचकूला : पंचकूला स्थित सिद्ध शक्तिपीठ माता मनसा देवी मंदिर परिसर में लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में बनने वाली भव्य हनुमान वाटिका के डिज़ाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस वाटिका को एक प्रमुख दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न थीम आधारित कुंज बनाए जाएंगे। हनुमान वाटिका का निर्माण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा लगभग 13 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कराया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को उपायुक्त एवं माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में दी गई। बैठक में हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि हनुमान वाटिका में रघुनंदन कुंज, जानकी कुंज, हनुमान कुंज, तुलसी कुंज, लव-कुश कुंज और नल-नील कुंज विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा यहां यज्ञशाला, आकर्षक फव्वारे तथा विभिन्न प्रजातियों के पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे वाटिका का स्वरूप और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनेगा।
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर परियोजना का विस्तृत एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि इसे शीघ्र अनुमोदन के लिए भेजकर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके। उन्होंने हनुमान वाटिका के निर्माण के लिए जल्द से जल्द स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंदिर परिसर में प्रस्तावित पशुपतिनाथ मंदिर के निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस भव्य मंदिर के डिज़ाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। मंदिर की परिकल्पना कैलाश पर्वत पर आधारित एक पिरामिडीय संरचना के रूप में की गई है, जिसमें भगवान शिव (पिरामिड) कैलाश पर्वत पर विराजमान दिखाई देंगे।भगवान शिव के गले में नाग भी दर्शाया जाएगा।
इस परिकल्पना के अंतर्गत शिवलिंगाकार गर्भगृह का निर्माण प्रस्तावित है, जो 32 स्तंभों वाले भव्य बरामदों से घिरा होगा। गर्भगृह के चारों ओर जल से भरी खाई (मानसरोवर) बनाई जाएगी, जिसमें कमल इसकी सुंदरता को और बढ़ाएंगे। मंदिर में चारों दिशाओं से स्वास्तिक आकार में निर्मित प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश की सुविधा उपलब्ध होगी।
श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल परिसर में निर्माणाधीन संस्कृत महाविद्यालय की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) को उच्च शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि महाविद्यालय भवन का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
बैठक में बताया गया कि यात्री निवास भवन की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय मंजिल को गेस्ट हाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है। यात्री निवास के निर्माण कार्य तथा फर्नीचर लगाने का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिसे 15 अगस्त 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 1096.31 लाख रुपये की लागत से मुख्य मंदिर में निर्माणाधीन अतिरिक्त प्रवेश गलियारे के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वचालित सीढ़ियों (एस्केलेटर) की स्थापना की जा रही। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण द्वारा 479.26 लाख रुपये की लागत से लक्ष्मी धर्मशाला भवन के नवीनीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है, जिसे 15 सितंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में श्री काली माता मंदिर, कालका की ओर जाने वाली सड़कों पर दो सिंह द्वारों के निर्माण, काली माता मंदिर में कमल आकृति के भवन के निर्माण और मनसा देवी परिसर में मनसा भवन तथा अन्य विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बोर्ड के गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए गए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशा यादव, एसडीएम कालका संयम गर्ग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी वीरेंद्र लाठर, नगर निगम पंचकूला के संयुक्त आयुक्त गौरव चौहान, नगर परिषद कालका के कार्यकारी अधिकारी रविंदर सिंह, माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति, बोर्ड के एसडीओ राकेश पाहुजा, काली माता मंदिर, कालका के सचिव पृथ्वीराज, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता आशीष चौहान एवं अरुण सिम्हार तथा बोर्ड के गैर-सरकारी सदस्य बनतो कटारिया, कृष्ण लाल लांबा, कुलभूषण गोयल, आर.पी. मल्होत्रा, देवेंद्र धवन, एच.सी. गुप्ता और ईश्वर जिंदल उपस्थित रहे।



