कलेसर, यमुनानगर। कलेसर रेंज कार्यालय के समीप खैर वैली में लगातार अवैध कटान चल रहा है। बीडीपीओ प्रतापनगर ने पुलिस स्टेशन प्रतापनगर को पत्र भेज कर खैरवेली में खैर के अवैध कटान पर कार्रवाई करने को कहा है। खैर वेली में पिछले दो तीन माह में लगातार यह तीसरा कटान है। इस मामले में पंचायत की शिकायत पर बीडीपीओ ने पहले भी एफआईआर दर्ज करवाई है। मगर वन विभाग सेक्शन चार के इस एरिया में अवैध कटान को रोकने में पूरी तरह से असफल साबित हुआ है। वन विभाग की इस असफलता को लेकर ग्राम पंचायत ने बीडीपीओ प्रतापनगर ने डीसी यमुनानगर को भी पत्र लिखकर वन विभाग को जंगल की सुरक्षा के लिए चौकीदार रखने के आदेश देने का आग्रह किया है।
कलेसर रेंज के बिल्कुल साथ नीचे यमुना नदी में एक छोटा सा टापू बना हुआ है जिसे खैरवैली का नाम दिया हुआ है। इस वैली में प्लांटेशन से लेकर अन्य सभी कार्य वन विभाग कराता रहा है। सेक्शन चार का एरिया होने व नेशनल पार्क व सेंचुरी एरिया के नजदीक होने से इसका कंट्रोल वन विभाग के पास ही रहा है। इस एरिया में पिछले कुछ वर्षों में लगातार खैर व अन्य पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है। अप्रैल माह में अवैध कटान के बाद वन विभाग के पीसीसीएफ केसी मीणा ने स्वंय इस एरिया का दौरा किया था। जिसके बाद एक गार्ड को निलंबित कर दिया गया व दरोगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस दौरान वन विभाग ने इस खैर वैली एरिया में जांच की तो वहां पर 431 पेड़ों का कटान पाया, ओर कलेसर पंचायत को पत्र लिखकर इस मामले में एफआईआर कराने को कहा गया, मगर कलेसर पंचायत ने वन विभाग द्वारा काटे गए पेड़ों की लिस्ट न भेजने व सेक्शन चार एरिया में वन विभाग की कार्रवाई की जानकारी न दिए जाने के बाद इस मामले में आगे कार्रवाई नहीं की।
इस एरिया में अप्रैल माह के बाद मई 13 पत्र क्रमांक 133 में कलेसर रेंज अधिकारी ने सरपंच कलेसर को पत्र लिखकर खैर के तीन पेड़ों के कटने की जानकारी दी। इसमें कहा गया कि वन दरोगा संदीप व गुरप्रीत इंचार्ज अराईयांवाला जब शिकायत के बाद कलेसर खैरवेली पहुंचे तो वहां पर खैर के तीन पेड़ कटे दिखाई दिए। जिनकी लकड़ी के छह पीस वहीं झाड़ियों में पड़े दिखाई दिए। इसलिए इसं संबंध में पंचायत को एफआईआर कराने को कहा गया व चौकीदार नियुक्त करने को कहा गया।
इसके बाद ताजा मामले में 5 जून 2026 को पुलिस स्टेशन प्रतापनगर को लिखे पत्र में बीडीपीओ ने बताया कि ग्राम पंचायत कलेसर से एक प्रस्ताव मिला है जिसमें बताया गया है कि वन दरोगा कलेसर द्वारा 2 जून 2026 को सुबह के समय सरपंच ग्राम पंचायत कलेसर को सूचित किया गया कि 1 जून को देर रात खैरवेली में ग्राम पंचायत की शामलात भूमि में खड़े खैर के पेड़ों का 8 से 10 व्यकितयों द्वारा कटान किया गया, मौके पर स्टाफ के पहुंचने पर उक्त लोग वहां से भाग खड़े हुए। मौका निरीक्षण पर खैर का एक पेड़ कटा हुआ मिला। जिसके 14 से 15 टुकड़े किए गए थे। उक्त खैर के पीस को वन दरोगा द्वारा जब्त कर वन विभाग कलेसर के कार्यालय रख दिया गया। वन दरोगा की इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायत ने बीडीपीओ को एक प्रस्ताव डालकर भेजा गया, ताकि एफआईआर कराई जा सके।
वहीं 27 मई 2026 को ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर बीडीपीओ प्रतापनगर ने डीसी को पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि खैर वेली में पिछले 40 से 50 वर्षों से खैर व सांगवान के पेड़ खड़े हैं। जिनको ग्राम पंचायत की भूमि पर वन विभाग द्वारा लगवाया गया था। उसकी देखभाल वन विभाग द्वारा की जा रही है। 19 अगस्त 2023 को पंचायत द्वारा एक प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया, जिसमें विभाग द्वारा वहां पर चौकीदार रखने को कहा गया। 4 अप्रैल 2026 को मौके पर खैर के बड़ी मात्रा में पेड़ कटने की शिकायत मिली।
पत्र में कहा गया कि उक्त क्षेत्र संवेदनशील है तथा ग्राम पंचायत से काफी दूरी पर स्थित है। यह क्षेत्र काफी फैला हुआ है। उस एरिया की देखभाल वन विभाग सही तरीके से नहीं कर पा रहा है, जिसके पास पर्याप्त संसाधन, स्टाफ व वनों से संबधित नियम कानून है। इसके बावजूद एरिया में अवैध कटान जारी है। वन रेंज अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक 28-29 दिनांक 13 अप्रैल 2026 व 13 मई 2026 में खैर के अवैध कटान के बारे में कानूनी कार्यवाही करने बारे व चौकीदार की नियुक्ति करने बारे में लिखा गया। ग्राम पंचायत कलेसर द्वारा खैर अवैध रुप से काटे गए 55 पेड़ों की एफआईज्ञअर 13 मई 2026 को थाना प्रतापनगर में करवा दी गई है। ग्राम पंचायत के पास कार्य करने के लिए एक ही ग्रामीण चौकीदार है तथा ग्राम पंचायत के पास आमदनी को कोई साधन नहीं है। इसलिए उक्त क्षेत्र में चौकीदार वन विभाग द्वारा ही रखा जाना चाहिए।





