पंचकूला: हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देविंदर सिंह कल्याण ने सोमवार को प्रदेश के स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनावी कार्यक्रम की विधिवत घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश के उन तमाम क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जहाँ चुनाव होने हैं। आचार संहिता के चलते अब संबंधित क्षेत्रों में नई विकास योजनाओं की घोषणा और अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूरी तरह रोक लग गई है।
इन निकायों में होंगे आम चुनाव और उपचुनाव
आयोग के अनुसार, प्रदेश के तीन बड़े नगर निगमों—अंबाला, पंचकूला और सोनीपत—में महापौर (मेयर) और पार्षदों के लिए आम चुनाव होंगे। इसके साथ ही:
-
नगर परिषद: रेवाड़ी नगर परिषद में आम चुनाव।
-
नगर पालिका: सांपला, धारूहेड़ा और उकलाना में अध्यक्ष व सभी वार्डों के सदस्यों के लिए आम चुनाव।
-
उपचुनाव: टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और सढौरा की नगर परिषदों/पालिकाओं की 6 रिक्त सीटों पर उपचुनाव होंगे।
पंचायती राज: 528 सीटों पर संग्राम
ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है:
-
आम चुनाव: हिसार के ग्राम पंचायत मंडी आदमपुर व जवाहर नगर और कैथल के गोविंदपुरा व पोलड़ में आम चुनाव आयोजित किए जाएंगे।
-
उपचुनाव: प्रदेश भर में पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद की खाली पड़ी 528 सीटों पर उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नामांकन और मतदान का पूरा शेड्यूल
-
नोटिस जारी होने की तिथि: 15 अप्रैल, 2026।
-
नामांकन की अवधि: 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक (सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक)।
-
नामांकन की जांच (Scrutiny): 27 अप्रैल, 2026।
-
नाम वापसी और चुनाव चिन्ह: 28 अप्रैल (दोपहर 3 बजे तक)। जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
-
मतदान की तारीख: 10 मई, 2026 (सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक)।
-
नतीजे: नगर निकायों के लिए 13 मई को मतगणना होगी। पंचायतों के लिए मतदान खत्म होते ही या पुनर्मतदान की स्थिति में 12 मई को गिनती होगी।
शैक्षणिक योग्यता के कड़े नियम
उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता के मानक इस प्रकार हैं:
-
नगर निगम मेयर/परिषद अध्यक्ष: सामान्य/BC वर्ग के लिए 10वीं पास। महिलाओं और SC वर्ग के लिए 8वीं पास।
-
पंचायत (सरपंच/सदस्य): सामान्य के लिए 10वीं पास, महिलाओं/SC के लिए 8वीं पास।
-
विशेष छूट: SC महिला उम्मीदवार जो पंच या निकाय सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं, उनके लिए न्यूनतम योग्यता 5वीं पास रखी गई है।
चुनाव खर्च और पारदर्शिता
भ्रष्टाचार रोकने के लिए आयोग ने खर्च की सीमा तय की है:
-
नगर निगम मेयर: 30 लाख रुपये।
-
निगम सदस्य: 7.50 लाख रुपये।
-
जिला परिषद सदस्य: 6 लाख रुपये।
-
सरपंच: 2 लाख रुपये। सभी उम्मीदवारों को नतीजे आने के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का पूरा हिसाब देना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें भविष्य के चुनावों के लिए अयोग्य करार दिया जा सकता है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए विशेष इंतजाम
दागी उम्मीदवारों पर सख्ती: चुनाव आयोग ने चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार कड़े कदम उठाए हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपने लंबित मामलों की जानकारी दो प्रमुख समाचार पत्रों और स्थानीय टीवी चैनलों पर कम से कम तीन अलग-अलग तारीखों पर प्रसारित करें। इससे मतदाता अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों के इतिहास के बारे में पूरी तरह जागरूक रह सकेंगे।
EVM पर होगी फोटो और रंगीन मतपत्र: इस चुनाव में आधुनिकता और स्पष्टता का पूरा ध्यान रखा गया है। मतदान के लिए ईवीएम (EVM) का उपयोग होगा, जिसमें उम्मीदवारों के नाम के साथ उनकी फोटो भी अंकित होगी। मतदाताओं की पहचान के लिए अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का प्रयोग किया जाएगा:
-
गुलाबी रंग का मतपत्र: महापौर (मेयर) और नगर परिषद/पालिका अध्यक्ष पद के लिए।
-
सफेद रंग का मतपत्र: वार्ड सदस्यों के लिए। साथ ही, किसी भी उम्मीदवार को पसंद न करने की स्थिति में मतदाताओं को ‘नोटा’ (NOTA) का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
घर-घर पहुंचेगी वोटर स्लिप: मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले प्रत्येक मतदाता के घर-घर जाकर वोटर स्लिप (मतदाता पर्ची) वितरित की जाए। इससे मतदाताओं को मतदान केंद्र और बूथ की जानकारी समय रहते मिल सकेगी, ताकि वे बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
सुरक्षा और अपील: राज्य चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को ऑब्जर्वर के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है। आयोग ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या भेदभाव के लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लें और 10 मई को भारी संख्या में मतदान करें।




