छोटे उद्योगों को मिलेगी अतिरिक्त मोहलत, नियम तोड़ने पर भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

नई दिल्ली । खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम के बर्तनों और डिब्बों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने नया गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग की ओर से जारी यह आदेश 13 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ है। इसके तहत संबंधित उत्पादों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का मानक चिह्न लगाना अनिवार्य होगा। आदेश में विभिन्न उत्पादों और उद्योगों के आकार के अनुसार नियम लागू होने की तारीखें निर्धारित की गई हैं।
एल्युमिनियम के बर्तनों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों से संबंधित भारतीय मानक IS 1660:2024 के अनुरूप उत्पादों पर गुणवत्ता नियंत्रण के प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। यानी इस श्रेणी में आने वाले संबंधित बर्तनों को निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करना होगा।
पेय पदार्थों के एल्युमिनियम डिब्बों के लिए अलग-अलग समयसीमा
पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम के डिब्बों पर भारतीय मानक IS 14407:2023 लागू होगा। सरकार ने इसके अनुपालन के लिए उद्योगों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग तारीखें तय की हैं।
किस उद्योग को कब करना होगा नियमों का पालन?
- सामान्य उद्योग: 1 अप्रैल 2027 से।
- लघु उद्योग: 1 जुलाई 2027 से।
- सूक्ष्म उद्योग: 1 अक्टूबर 2027 से।
इस व्यवस्था के तहत सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बड़े उद्योगों की तुलना में अतिरिक्त समय दिया गया है, ताकि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था कर सकें।
BIS से प्रमाणन और मानक चिह्न जरूरी
आदेश के अनुसार, संबंधित उत्पादों को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप होना होगा और उन पर भारतीय मानक ब्यूरो के लाइसेंस के तहत मानक चिह्न लगाया जाएगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इन उत्पादों के लिए प्रमाणन एवं प्रवर्तन प्राधिकरण भारतीय मानक ब्यूरो होगा।
हालांकि, आदेश में कुछ अपवाद भी दिए गए हैं। निर्यात के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित वस्तुओं पर इसके प्रावधान लागू नहीं होंगे। इसी तरह, निर्धारित शर्तों के अधीन प्रमाणित निर्माता या प्रमाणन के लिए आवेदन करने वाले निर्माता तथा आयातकों के पुराने स्टॉक के संबंध में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे स्टॉक को निर्धारित शर्तों के अनुसार छह महीने तक बेचने या प्रदर्शित करने की अनुमति दी जा सकती है।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य संबंधित एल्युमिनियम उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्धारित मानकों के अनुपालन को प्रभावी बनाना है।
उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश
इस आदेश से खाद्य एवं पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले संबंधित एल्युमिनियम उत्पादों के निर्माताओं और कारोबारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों का अनुपालन करना होगा। वहीं, सूक्ष्म और लघु उद्योगों को नियमों के अनुरूप व्यवस्था तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। कारोबारियों के लिए जरूरी होगा कि वे अपने उत्पाद की श्रेणी और लागू भारतीय मानक के अनुसार प्रमाणन संबंधी आवश्यकताएं पूरी करें।



