ग्रामीणों ने सीईओ जिला परिषद को दी शिकायत, डीसी से भी मिले, गांव में विकास कार्य हुए ठप्प
छछरौली, यमुनानगर: ग्राम पंचायत बरौली माजरा में सरपंच के निलंबन के बाद भी चार्ज देने में हो रही देरी को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों और बहुमत वाले पंचों ने जिला परिषद के सीईओ (CEO) को एक शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें बहुमत वाले पंच को चार्ज न सौपने की शिकायत दी गई है। इसके साथ गांव में विकास कार्य ठप्प होने की बात भी ग्रामीण कह रहे हैं।
आदेश के बाद भी नहीं दिया जा रहा प्रभार : सीईओ को दी गई शिकायत में बताय गया है कि बरौली माजरा की सरपंच श्रीमती सुल्ताना को उपायुक्त (DC) द्वारा 25 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। नियम अनुसार, निलंबन के बाद पंचायत का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपा जाना चाहिए, लेकिन आरोप है कि आज तक डीसी के आदेशों की पालना नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पूर्व बलौली पंचायत में भी सरपंच को हटाया गया था, लेकिन ग्राम सचिव ने 15 से 20 दिनों तक रिकॉर्ड नहीं लिया। आरोप है कि उस दौरान रिकॉर्ड को जला दिया गया था। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया है कि बरौली माजरा का रिकॉर्ड भी खुर्द-बुर्द किया जा सकता है।
कार्रवाई और तबादले की मांग शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि:
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मौजूादा ग्राम सचिव को तुरंत बरौली माजरा से बदला जाए।
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बहुमत वाले पंच को तुरंत सरपंच पद का चार्ज दिलवाया जाए ताकि डीसी के आदेशों की पालना हो सके।
अधिकारी का रुख
आवेदन पत्र प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ (BDPO) को नियमानुसार कार्रवाई करने और आवश्यक कदम उठाने (Proceed as per law) का निर्देश दिया है।
हालांकि बीडीपीओ छछरौली से जब इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।



