पुलिस की मुस्तैदी से 12 लाख रुपये रिकवर कर पीड़िता को लौटाए जा चुके
पंचकूला- पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने एक साइबर फ्रॉड मामले में कार्रवाई करते पहले आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला पंचकूला निवासी महिला के साथ हुई लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है, जिसमें आरोपियों ने फर्जी स्टॉक मार्केट ऐप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा देकर करीब 31 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
मामले के अनुसार, जून 2024 में पीड़िता और उसके बेटे को फेसबुक के माध्यम से एक कंपनी के बारे में जानकारी मिली। आरोपी व्यक्ति ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने पर दोगुना मुनाफा देने का लालच दिया। इसके बाद पीड़िता को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। आरोपी के कहने पर पीड़िता ने बताई गई ऐप डाउनलोड कर उसमें अलग-अलग तिथियों में कुल 37,89,394 रुपये निवेश कर दिए।
शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़िता के बेटे के बैंक खाते में 6,20,000 रुपये ट्रांसफर किए, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। बाद में ऐप में करोड़ों रुपये का फर्जी मुनाफा दिखाकर जब पीड़िता ने पैसे निकालने की कोशिश की तो उनसे 30 लाख रुपये कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर और मांगे गए। शक होने पर जांच करने पर पता चला कि यह पूरी कंपनी और ऐप फर्जी है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि हमारी टीम द्वारा की गई जांच में सामने आया कि फ्रॉड की राशि देश के विभिन्न राज्यों के करीब 10 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। आगे की जांच में एक बैंक खाता गया, जिसमें 3,60,000 रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस खाते के धारक ने खुलासा किया कि उसका खाता उसके रिश्तेदार सुरज्ञान सैनी द्वारा खुलवाकर इस्तेमाल किया गया।
जांच के आधार पर साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में जांच अधिकारी प्रदीप कुमार ने आरोपी सुरज्ञान सैनी वासी जिला दौसा, राजस्थान को 29 अप्रैल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर खातों का उपयोग कर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का रिमांड हासिल किया गया है ताकि इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और ठगी की पूरी रकम का पता लगाया जा सके।




