व्यासपुर, यमुनानगर। देश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विशेष अधिकारी (शिकायत निवारण) भोपाल सिंह खदरी ने व्यासपुर स्थित ऐतिहासिक अजात आश्रम में आयोजित धार्मिक सभा के दौरान कही।

भोपाल सिंह खदरी ने कहा, “आज देश के किसी भी धार्मिक स्थल पर चले जाएं, मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। यह सनातन धर्म और हमारी सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत सुखद, सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।”
सरस्वती तट पर स्थित अजात आश्रम का विशेष आध्यात्मिक महत्व
खदरी ने बताया कि सरस्वती नदी के पावन तट पर स्थित अजात आश्रम आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र स्थल है। परम संत श्री वीत्तरागानंद जी महाराज ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय इस भूमि पर तपस्या और साधना में व्यतीत किया था। गोरक्षा आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महाराज जी का जीवन सेवा और समपर्ण का प्रतीक रहा है।
इस अवसर पर परम संत श्री वित्तरागानंद जी महाराज की स्मृति में प्रकाशित एक विशेष पुस्तक का भी अवलोकन किया गया।
आश्रम मार्ग के लिए ₹46.67 लाख स्वीकृत: श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
अजात आश्रम और आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है:
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पुलियों के निर्माण हेतु राशि: आश्रम तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर मजबूत और बड़ी पुलियों के निर्माण के लिए 46 लाख 67 हज़ार रुपये की राशि मंजूर की गई है।
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जल्द शुरू होगा कार्य: टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
भोपाल सिंह खदरी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित और स्थाई समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते रहेंगे। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




