यमुनानगर: जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैर-कानूनी परिवहन पर लगाम कसने के लिए लगाए गए प्रशासनिक नाके खुद ही सवालों के घेरे में आ गए हैं। जिन नाकों की जिम्मेदारी नियमों का पालन कराने की है, वह खुद अवैध बिजली कनेक्शनस पर चल रहे हैं।

खनन जोन और दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के ई-रवाना और बिलों की जांच के लिए समय-समय पर रोड-साइड अस्थाई नाके लगाए जाते हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इन नाकों पर सीसीटीवी, पंखे, लाइटें व अन्य उपकरण चलाने के लिए बिना किसी अनुमति के बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। छछरौली अनाज मंडी नाके से लेकर अन्य कई जगह नाकों का निरीक्षण किया गया तो लगभग सब जगह यही मामला सामने आया। छछरौली नाके पर बिजली की तार मंडी अंदर से कहीं से आ रही है वहीं भूडंकलां नाके पर भी कोई मीटर नहीं दिख रहा है, ताजेवाला नाके पर भी बिजली किस मीटर से आ रही है इसका पता नहीं चलता।

डायरेक्ट कुंडी और रिसेल ऑफ इलेक्ट्रिसिटी का मामला

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नाकों पर बिजली सप्लाई के लिए दो तरह के अवैध तरीके अपनाए जा रहे हैं:

  1. खंभों से सीधी तार (कुंडी): कई जगहों पर सीधे बिजली के खंभों से तार जोड़कर सप्लाई ली पता चल रही है

  2. आसपास के घरों/दुकानों से बिजली: कई नाकों पर आसपास के निजी मकानों या दुकानों से सप्लाई ली जा रही है। कानूनन यह ‘रिसेल ऑफ इलेक्ट्रिसिटी’ (Resale of Electricity) के अंतर्गत आता है और पूरी तरह अवैध है।

क्या कहते हैं नियम?

नियमानुसार, किसी भी सरकारी या निजी अस्थाई नाके, टेंट या कैंप के लिए बिजली निगम से ‘टेम्परेरी मीटर कनेक्शन’ (Temporary Meter Connection) अप्लाई करना अनिवार्य होता है। इसके बाद वहां खपत होने वाली बिजली के अनुसार बिल जनरेट होता है। लेकिन महीनों से चल रहे इन नाकों के लिए ऐसा कोई कनेक्शन नहीं लिया गया है।

बिजली निगम की चुप्पी और अधिकारियों पर सवाल

खुलेआम हो रही इस बिजली चोरी पर बिजली निगम की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है:

  • क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध सप्लाई की भनक नहीं थी?

  • बिना अनुमति चल रहे इन कनेक्शनों पर बिजली निगम इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहा है?

  • जिन प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में ये नाके चल रहे हैं, वे नियमों की अनदेखी क्यों कर रहे हैं?

“जांच करवाकर करेंगे सख्त कार्रवाई” – XEN

इस पूरे मामले पर जब बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता (XEN) सुखविंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा:

“यह मामला अभी तक मेरी जानकारी में नहीं था। हम तुरंत सभी नाकों पर बिजली आपूर्ति की जांच करवाएंगे। अगर कहीं भी अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल या चोरी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

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