जगाधरी (यमुनानगर)। जगाधरी-भूखड़ी खारवन रोड इस समय विकास की नहीं, बल्कि विनाश की धूल फांक रहा है। बिना नंबर प्लेट की, मिट्टी से लबालब ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों ने इस पूरे मार्ग पर ‘आतंक’ मचा रखा है। , मिटटी के इस कारोबार की भारी कीमत खारवन-भूखड़ी गांवों के बेकसूर ग्रामीणों और राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ रही है।

😷 धूल का गुबार, सांसों पर पहरा और ‘ विभागों के आखों में जमी धूल

ट्विन सिटी जगाधरी-यमुनानगर में इस समय मिट्टी का सबसे बड़ा कारोबार इसी रोड पर फल-फूल रहा है। ईंट भट्टों और वैध-अवैध कॉलोनियों के लिए दिन-रात मिट्टी की सप्लाय हो रही है। बिना तिरपाल ढके दौड़ने वाले इन वाहनों से उड़ने वाली धूल ने सड़क किनारे रहने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

हैरानी की बात यह है कि जिस विभाग की नाक के नीचे यह सब हो रहा है, वह प्रदेश के सबसे तेजतर्रार और ‘गब्बर’ कहे जाने वाले मंत्री अनिल विज के पास है। लेकिन ऐसा लगता है कि ट्रालियों से उड़ने वाली धूल जनता की आंखों में ही नहीं, बल्कि आरटीए (RTA) स्टाफ और खनन विभाग की आंखों में भी जम चुकी है, जिन्हें दिन के उजाले से लेकर आधी रात तक चलने वाला यह खेल दिखाई ही नहीं दे रहा। खारवन गांव की आबादी के अंदर से लगातार सैकड़ों ट्रालियां बिना किसी नियम का पालन किए गुजर रही हैं।

⚠️ मौत बनकर दौड़ रहे बिना नंबर के वाहन

इस मार्ग पर नियमों की धज्जियां किस कदर उड़ रही हैं, इसकी बानगी देखिए:

  • न नंबर, न लाइसेंस: मिट्टी ढोने वाले अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रालियों पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है।

  • नाबालिगों के हाथ में स्टीयरिंग: कम उम्र के लड़के इन भारी-भरकम ओवरलोड वाहनों को सड़कों पर रेस कार की तरह दौड़ा रहे हैं।

  • हादसों की कतार: पिछले दो-तीन महीनों में ही इस रोड पर कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।

  • फिसलन का जाल: ठेकेदार सड़क पर पानी का छिड़काव तक नहीं करते। रही-सही कसर हल्की बारिश पूरी कर देती है, जब यह बिखरी मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है और दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल होते रहते हैं।

🛑 देर रात खनन’ खनन के किसी नियम का पालन नहीं

नियमों के मुताबिक शाम ढलने के बाद खनन पर पूरी तरह पाबंदी है, लेकिन खनन करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि देर रात तक जेसीबी मशीनें गरज रही हैं। हद तो यह है कि एक खेत से अवैध रूप से गहरी मिट्टी उठाने के कारण पड़ोसी किसान के खेत में कटाव होने लगता है, जिससे मजबूर होकर दूसरे किसान को भी अपनी जमीन की मिट्टी उठवानी पड़ रही है। पर्यावरण और यातायात के नियमों का यहाँ सरेआम जनाजा निकाला जा रहा है।

🗣️ “अब सीधे ‘गब्बर’ से होगी शिकायत”

आरटीए ओर स्थानीय प्रशासन, एनफोर्समेंट की इस घोर लापरवाही से तंग आकर अब ग्रामीणों ने गब्बर से शिकायत  का मूड बना लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं। अब इस इलाके के लोग सीधे अंबाला जाकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के पास शिकायत करेंगे।

बड़ा सवाल: देखना यह है कि जनता की आवाज बुलंद होने के बाद क्या आरटीए स्टाफ और खनन विभाग की कुंभकर्णी नींद टूटेगी, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?

Sharing

Leave a Reply

error: Content is protected !!