चंडीगढ़: हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाने के लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ‘प्लांटेशन ड्राइव’ की रूपरेखा तैयार कर ली है मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव (PSCM) अरुण गुप्ता, IAS की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण का निर्णय लिया गया

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे:

 विजयेंद्र कुमार, IAS: अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), विकास एवं पंचायत विभाग

 के.सी. मीणा, IFS: पीसीसीएफ (HoFF), हरियाणा

 अतुल जे. सिरसीकर, IFS: पीसीसीएफ (बजट, योजना और परियोजना निर्माण)

 अशोक मीणा, IAS: आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB)

 अनीश यादव, IAS: निदेशक एवं विशेष सचिव, विकास एवं पंचायत विभाग

अभियान के मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश

1. स्थानीय और ऊंचे पौधों को प्राथमिकता: बैठक में निर्देश दिए गए कि इस मानसून सीजन में कम से कम 6 फीट ऊंचे पौधे ही लगाए जाएं इनमें मुख्य रूप से स्थानीय प्रजातियां जैसे पीपल, बरगद, गूलर, नीम, जामुन, बेर और अन्य फलदार व फूलदार प्रजातियों को शामिल किया जाएगा

2. शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष लक्ष्य (ULB विभाग):

  • शहरी क्षेत्रों में 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है

  • इन पौधों की आपूर्ति वन विभाग की नर्सरियों से की जाएगी

    सुरक्षा के लिए सीमेंट के ट्री-गार्ड को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, सुरक्षित स्थानों और बाउंड्री वॉल वाले क्षेत्रों में जहां चोरी का खतरा न हो, वहां लोहे के ट्री-गार्ड इस्तेमाल किए जा सकते हैं

    वन विभाग करीब 5,000 ट्री-गार्ड देगा, जबकि 1 लाख सीमेंट ट्री-गार्ड के लिए ULB विभाग फंड जारी करेगा

    ULB विभाग को पौधारोपण स्थलों की सूची एडवांस में देने को कहा गया है ताकि समय पर तैयारी हो सके

  • 3. 5 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी: पीसीसीएफ (HoFF) ने आश्वासन दिया कि यदि ULB विभाग फंड उपलब्ध कराता है, तो वन विभाग अगले 5 वर्षों तक इन पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी उठाएगा इसके लिए वन विभाग जल्द ही लागत अनुमान (Cost Estimate) तैयार करेगा

           4. ग्रामीण क्षेत्रों का मास्टर प्लान (पंचायत विभाग):

  • गांवों में पौधारोपण मुख्य रूप से एप्रोच रोड और फिरनी (सीमा सड़कों) पर केंद्रित होगा प्रत्येक गांव की सड़क/फिरनी पर कम से कम 1 किलोमीटर की लंबाई में 4-4 मीटर की दूरी पर पौधे लगाए जाएंगे हर गांव में कम से कम 500 पौधे लगाना अनिवार्य होगा पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड का इंतजाम संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा

  •  मुख्यमंत्री के दौरों से जुड़ा पौधारोपण: एक विशेष निर्णय के तहत, मानसून शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री हरियाणा में जहां भी दौरा करेंगे, वहां प्रत्येक स्थान पर ट्री-गार्ड के साथ कम से कम 100 ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे

6. ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट फंड’ की स्थापना:

  • राज्य में पौधारोपण के लिए फंड मैनेजमेंट हेतु वन विभाग ने “हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट फंड” के नाम से एक नया बैंक खाता खोलने का प्रस्ताव दिया है वित्त विभाग की अनुमति से बनने वाले इस खाते में NHAI, ULB विभाग और अन्य इच्छुक एजेंसियों से प्राप्त राशि जमा की जाएगी वर्तमान में वन विभाग NHAI से भी बातचीत कर रहा है ताकि राज्य के प्रमुख ग्रीन फील्ड हाईवे के किनारे पौधारोपण किया जा सके, जिसका खर्च NHAI उठाएगा

  • कुल लक्ष्य: सरकार का मुख्य लक्ष्य ट्री-गार्ड के साथ 1 लाख पौधे शहरों में और 2 लाख पौधे गांवों में लगाना है इसके अतिरिक्त अन्य पौधारोपण कार्य बिना ट्री-गार्ड के भी जारी रहेंगे । 

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