• पत्र में बताया निजी जमीन पर हो रहा है अवैध खनन: हाइडिल के रास्ते बने अवैध खनिज परिवहन का जरिया

कलेसर,यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित कलेसर रेंज के अंतर्गत आने वाले मांडेवाला प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट (PF) और हाइडल चैनल के बीच के क्षेत्र में अवैध खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। वन विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर माइनिंग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में हाइडिल के रास्ते के अवैध खनिज परिवहन में दुरुपयोग होने की बात कही है।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को ताजेवाला ब्लॉक के वन दरोगा इंचार्ज नरेश कुमार और ताजेवाला/मांडेवाला बीट के इंचार्ज दरोगा अमित कुमार ने गश्त के दौरान मांडेवाला क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों को पकड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, मांडेवाला PF और हाइडल चैनल के बीच स्थित मलकियत भूमि में खनन माफियाओं द्वारा ताज़ा खनन किया गया था, जिसके गहरे गड्ढे मौके पर पाए गए।

तकनीक का उपयोग और लोकेशन

पत्र में बताया गया है कि वन विभाग की टीम ने मौके GPS रीडिंग भी नोट की है, जो इस प्रकार है:

  • 30.273333N, 77.519506E

  • 30.273843N, 77.520096E

जंगल के अस्तित्व पर खतरा

अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में चिंता व्यक्त की है कि अवैध खनन के लिए माफिया हाइडल चैनल की पटरी वाले रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस गतिविधि से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि साथ लगते जंगल के अस्तित्व पर भी भारी खतरा मंडरा रहा है। आशंका जताई गई है कि यदि इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में यह गतिविधि और बड़े स्तर पर बढ़ सकती है।

माफियाओं का सूचना तंत्र मजबूत

रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि जब भी वन विभाग की टीम मौके पर रेड करने जाती है, तो खनन माफियाओं को इसकी भनक पहले ही लग जाती है। वे अपने संसाधनों (मशीनों और वाहनों) के साथ मौके से फरार हो जाते हैं। हालांकि, मौका मिलते ही वे फिर से चोरी-छिपे खनन शुरू कर देते हैं।

इन विभागों को भेजी गई सूचना

वन राजिक अधिकारी (RO), कलेसर ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मण्डल अधिकारी (DFO), यमुनानगर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि इस मामले में निम्नलिखित विभागों को पत्र लिखकर सूचित किया जाए ताकि दोषियों पर नकेल कसी जा सके:

  1. हरियाणा राज्य परिवर्तन ब्यूरो (यमुनानगर)

  2. माइनिंग विभाग

इसकी एक प्रति 

  1. पुलिस प्रशासन (थाना प्रबंधक, प्रतापनगर)

  2. XEN (कार्यकारी अभियंता), हाइडल चैनल को भी भेजी गई।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और जंगल की सुरक्षा के लिए अवैध खनन को रोकना अनिवार्य है और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।

Sharing

Leave a Reply

error: Content is protected !!