कलेसर (यमुनानगर): कलेसर खैर वैली में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला अब गहराता जा रहा है। ताजा खुलासे के अनुसार, यहाँ सिर्फ लकड़ी की चोरी ही नहीं हुई, बल्कि लाखों रुपये के घास-पूले और पेड़ों की छंटाई के नाम पर भी बड़ा खेल खेला गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत की शिकायत पर बीडीपीओ ने कड़ा संज्ञान लिया है। 5 अप्रैल को पीसीसीएफ ने भी इस जंगल का मौका मुआयना किया था।

पंचायत की कार्रवाई और बड़े खुलासे

पंचायत द्वारा बीडीपीओ (BDPO) प्रतापनगर को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार:

  • मौका मुआयना: 4 अप्रैल को जब पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम सचिव मौके पर पहुंचे, तो वहां न केवल खैर के पेड़ कटे मिले, बल्कि पूरे इलाके की सफाई कर घास-पूला गायब कर दिया गया था।

  • सागवान के जंगल से छेड़छाड़: पंचायत ने स्पष्ट किया कि खैर वैली में सागवान का जो जंगल है, उसे वन विभाग ने ही लगाया और वही उसकी रखवाली करता है। फिर भी वहां बिना अनुमति पेड़ों की छंटाई और सफाई कैसे हुई?

प्रशासनिक सख्ती: एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा

बीडीपीओ ने 10 अप्रैल 2026 को वन राजिक अधिकारी (RO) कलेसर को पत्र लिखकर पूछा हैं:

  1. किसकी अनुमति से सागवान के जंगल में सफाई और छंटाई का कार्य करवाया गया?

  2. वैली में वर्तमान में खड़े सागवान के पेड़ों की सटीक संख्या और रिपोर्ट क्या है?

विभाग को इन सभी बिंदुओं पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है।


 “हमने चौकीदार और ग्राम सचिव के साथ मिलकर मौका मुआयना किया था। स्थिति गंभीर है, इसीलिए पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेजा है। अब आगे की कार्रवाई वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।”सरपंच प्रतिनिधि

 

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