छठ पूजा घाट बनाने व रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का मेयर ने अधिकारियों के साथ लिया जायजा
यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर किनारे नगर निगम दिव्य नगर योजना के तहत बाड़ी माजरा पुल से पुराना सहारनपुर रोड के फतेहपुर पुल तक रिवर फ्रंट विकसित करेगा। 12.35 करोड़ की लागत से बनने वाले रिवर फ्रंट की लंबाई साढ़े चार किलोमीटर होगी। इसके अलावा छठ पूजा के लिए सिंचाई विभाग द्वारा पश्चिमी यमुना नहर किनारे तीन पक्के घाट बनाने का कार्य किया जा रहा है। दोनों प्रोजेक्ट को लेकर मेयर सुमन बहमनी ने सिंचाई विभाग के एसई प्रवीण कुमार, एक्सईएन , नगर निगम एक्सईएन विकास धीमान, सहायक अभियंता मृणाल जायसवाल व अन्य अधिकारियों के साथ पश्चिमी यमुना नहर के किनारों का जायजा लिया। मेयर ने पश्चिमी यमुना नहर को पक्का किए जाने का भी जायजा लिया। मेयर ने सिंचाई विभाग व निगम के अधिकारियों से दोनों प्रोजेक्ट पर विस्तार से समीक्षा की और दोनों प्रोजेक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मेयर सुमन बताया कि रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत पश्चिमी यमुना नहर किनारे ओपी जिंदल पार्क से आजाद नगर, चिट्टा मंदिर से पटरी पर यह रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। इसमें लगभग 600 मिली मीटर चौड़ा लैंडस्केप एरिया, 2000 मिमी चौड़ा फुटपाथ, निकासी के लिए नाली, 1050 मिमी ऊंची पत्थर की दीवार पर 1200 मिमी ऊंची बाड़ लगाने वाली जाली लगेगी। चौड़ी सड़क व फुटपाथ के साथ फेंसिंग, उद्यान, बैठने के लिए सुंदर व आकर्षक डिजाइन के बैंच, फैंसी लाइटिंग, हरियाली व अन्य व्यवस्था की जाएगी। नहर किनारे रिवर फ्रंट विकसित होने से शहर को एक नया रूप मिलेगा।
लोगों को नहर किनारे आनंद लेने का मौका मिलेगा। यह शहरवासियों और पर्यटकों के लिए मनोरंजन और आनंद का भी साधन होगा। नहर के आसपास के क्षेत्र को हरा-भरा और सुंदर बनाया जाएगा। मेयर ने बताया कि रिवर फ्रंट के लिए निर्धारित जगह के आसपास आजाद नगर, चिट्टा मंदिर रोड, शांति कॉलोनी समेत विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों है। जहां घनी आबादी है। रिवर फ्रंट बनने से नहर किनारे कचरा जमा नहीं होगा। इसके अलावा नालियों व नालों का गंदा पानी सीधा नहर में नहीं जा पाएगा। इससे प्रदूषण कम करने की प्रक्रियाओं के माध्यम से नहर के पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा। बरसाती जल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा
फैंसी डेकोरेटिव लाइटों से चमकेगा रिवर फ्रंट –
रिवर वाटर फ्रंट पर सड़क, फुटपाथ व पत्थर की दीवार बनने के साथ-साथ फैंसी डेकोरेटिव लाइट भी लगेगी। ताकि रास्तों और सड़कों पर उचित प्रकाश की व्यवस्था से रात के समय दृश्यता सही रहे। इससे अपराध और दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। गर्मियों में पश्चिमी यमुना नहर में नहाते समय डूबने के सबसे ज्यादा मामले इसी क्षेत्र में आते है। रिवर फ्रंट बनने से नहर में डूबने के मामलों में भी कमी होगी। आसपास के लोग यहां व्यायाम, सैर, दौड़ लगाने व दिनचर्या के अन्य कार्य कर सकेंगे।
 
पक्के घाट बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत –
पश्चिमी यमुना नहर किनारे छठ पूजा के लिए हमीदा हेड के पास, बाडी माजरा व कैनाल रेस्ट हाउस के पास तीन पक्के घाट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग द्वारा करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से तीनों घाटों को पक्का किया जाएगा। घाट पक्के होने से श्रद्धालुओं को पश्चिमी यमुना नहर के कच्चे घाटों पर पूजा करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। साथ ही सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं को गंदगी व दलदली जमीन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
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