पंचकूला। हरियाणा सरकार ने वन क्षेत्रों के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पहले जारी किए गए एक आदेश को वापस ले लिया है और पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF), हरियाणा, पंचकुला द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य पृष्ठभूमि
* सरकार द्वारा **07 अगस्त 2025** को जारी किए गए आदेश (क्रमांक: 1242-Ft-4-2025/4075) को राज्य सरकार द्वारा वापस ले लिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS, EF&WL), हरियाणा के आदेश दिनांक 27.10.2026 के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, 07 अगस्त 2025 के आदेश से पहले जैसी वन क्षेत्रों की प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था थी, उसे तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया गया है।
आदेश के मुख्य बिंदु (विस्तार से)
1. वानिकी और वन्यजीव सुरक्षा की जिम्मेदारियों का विभाजन
तत्काल प्रभाव से वानिकी विंग (Forestry Wing) इन क्षेत्रों में वानिकी और सुरक्षा कार्यों की देखरेख करेगा, जब तक कि सरकार द्वारा कोई नया पुनर्गठन नहीं किया जाता। हालांकि, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के वैधानिक प्रावधानों को लागू करने की जिम्मेदारी वन्यजीव विंग (Wildlife Wing) की ही बनी रहेगी।
2. कर्मचारियों की वापसी:
* PCCF (HoFF) के आदेशों के तहत वन्यजीव विंग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए वानिकी विंग के सभी कर्मचारी वन्यजीव विंग से कार्यमुक्त (Relieved)*माने जाएंगे। अब ये सभी कर्मचारी अपने संबंधित DFOs (प्रभागीय वन अधिकारियों) के कमान और नियंत्रण के अधीन होंगे।
3. पौधारोपण कार्यों और क्षेत्रों का हस्तांतरण:
* 07 अगस्त 2025 से पहले वानिकी विंग द्वारा किए गए पौधारोपण कार्य/क्षेत्र, तथा 07 अगस्त 2025 के आदेश के बाद वानिकी योजनाओं के तहत वन्यजीव विंग में प्रतिनियुक्त स्टाफ द्वारा किए गए कार्य, वर्तमान में प्रभारी स्टाफ सहित टेरिटोरियल (प्रादेशिक) स्टाफ को सौंप दिए गए हैं।
4. संपतियों (Assets) का ट्रांसफर:
07 अगस्त 2025 के आदेश के अनुपालन में यदि कोई संपत्ति ट्रांसफर की गई थी, तो वह सभी संपत्तियां वापस वानिकी विंग को स्थानांतरित कर दी गई हैं।
5. भुगतान और दस्तावेज:
* DWLOs (जिला वन्यजीव अधिकारी) 31 अक्टूबर तक राज्य वानिकी योजनाओं के तहत निष्पादित कार्यों का भुगतान करेंगे और संबंधित दस्तावेज संबंधित DFOs को सौंपेंगे।
6. टेंडर और ठेकेदार:
वित्तीय वर्ष 2026-27 के शेष कार्यों और भुगतानों के लिए सभी टेंडर और ठेकेदार संबंधित DFOs को स्थानांतरित कर दिए गए हैं।
7. अदालत के मामले और FIR:
इस अवधि (07.08.2025 से लेकर अब तक) के दौरान जारी किए गए सभी अदालत के मामले, वन अपराध रिपोर्ट (FORs) और FIR, अदालतों में चालान पेश करने के बाद वानिकी विंग द्वारा संभाले जाएंगे। इसके साथ ही FoR भी प्रस्तुत किया जाएगा।
8. रेंजों का पुनर्गठन हुआ रद्द:
07 अगस्त 2025 के आदेश के परिणाम स्वरूप रेंजों के पुनर्गठन से संबंधित जारी किए गए आदेश—अर्थात कलेसर (Kalesar), कालसिया (Kalsia), जगाधरी (Jagadhri), पिंजौर (Pinjore), पंचकुला (Panchkula), कैथल (Kaithal), सरस्वती (Saraswati), शाहबाद (Shahbad) और थानेसर (Thanesar)—को वापस ले लिया गया है।
उपर्युक्त सभी रेंजों का क्षेत्रफल और प्रशासनिक ढांचा तत्काल प्रभाव से अपनी पुरानी स्थिति में बहाल कर दिया गया है।



