एसवी एवं एसीबी करनाल की टीम ने तहसील परिसर में बिछाया जाल, राजपत्रित अधिकारी व छाया गवाह की मौजूदगी में रंगे हाथों पकड़ा
आरोपी ने पहले 75 हजार रुपये मांगे, 50 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा; 30 हजार रुपये पहले ही ले चुका था आरोपी
चंडीगढ़/करनाल। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एवं एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में एसवी एवं एसीबी करनाल की टीम ने नगर निगम करनाल में सहायक के पद पर कार्यरत कर्मचारी को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है।
दुकान के स्वामित्व हस्तांतरण और रजिस्ट्री के बदले मांगी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर दुकान नंबर 15, मुगल कैनाल, करनाल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उनके पिता के निधन के बाद दुकान के उक्त हिस्से का स्वामित्व शिकायतकर्ता और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित किया जाना था। इस संबंध में ट्रांसफर लेटर जारी करने तथा सेल/कन्वेयंस डीड की रजिस्ट्री कराने के बदले आरोपी ने शिकायतकर्ता विक्रम और उसके चाचा भारत भूषण से पहले 75,000 रुपये की रिश्वत मांगी और बाद में 50,000 रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपी पहले ही शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत लेकर ट्रांसफर लेटर जारी कर चुका था। इसके बाद उसने शेष 20,000 रुपये रजिस्ट्री के दिन यानी 23 अक्टूबर को देने के लिए कहा।
एसीबी की टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों किया गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर एसवी एवं एसीबी करनाल की टीम ने कार्रवाई करते हुए तहसील परिसर, करनाल में जाल बिछाया। इस दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए राजपत्रित अधिकारी और छाया गवाह की मौजूदगी में रंगे हाथों पकड़ लिया गया। रिश्वत की राशि मौके से बरामद कर ली गई।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर नंबर 29, दिनांक 23 अक्टूबर 2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत थाना एसवी एवं एसीबी, करनाल में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।यह ट्रैप एसवी एवं एसीबी करनाल के नेतृत्व में लगाया गया। मामले में अनुसंधान जारी है।





