यमुनानगर | जिला सचिवालय के सभागार में सोमवार को उपायुक्त प्रीति की अध्यक्षता में अनधिकृत कॉलोनियों पर नियंत्रण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने भू-माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए सख्त लहजे में कहा कि अब केवल नोटिस से काम नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार अवैध कॉलोनी काटने का प्रयास करता है, तो उस पर उतनी ही बार नई FIR दर्ज की जाए।
रजिस्ट्री से पहले डीटीपी की एनओसी अनिवार्य
उपायुक्त ने ‘हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975’ के सेक्शन 7ए का हवाला देते हुए तहसीलदारों को निर्देशित किया कि अर्बन एरिया में किसी भी जमीन की बिक्री या लीज से पहले जिला नगर योजनाकार (DTP) कार्यालय से एनओसी लेना अनिवार्य है। जिन खसरा नंबरों पर डीटीपी विभाग की आपत्ति है, वहां किसी भी सूरत में सेल-डीड पंजीकृत न की जाए।
कॉलोनाइजरों से होगी तोड़फोड़ के खर्च की वसूली
प्रशासन ने अब वित्तीय चाबुक चलाने की भी तैयारी कर ली है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध निर्माण को गिराने (Demolition) में आने वाला जो भी सरकारी खर्च होगा, उसे संबंधित डिफॉल्टर या कॉलोनाइजर से ‘भू-राजस्व बकाया’ के रूप में वसूला जाएगा। इसके लिए डीआरओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम को निर्देश: अवैध कालोनियों में न जारी की जाए NDC
उपायुक्त ने नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अनधिकृत कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की एनडीसी (NDC) जारी न की जाए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कमी के कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं रुकनी चाहिए।
“जनता अपनी गाढ़ी कमाई भू-माफियाओं के जाल में फंसकर बर्बाद न करे। हमने निर्देश दिए हैं कि सभी तहसीलों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कॉलोनियों की सूची के नोटिस चस्पा किए जाएं ताकि लोग जागरूक हो सकें।” — प्रीति, उपायुक्त, यमुनानगर
बैठक में मौजूद रहे ये मुख्य अधिकारी:
पुलिस विभाग: डीएसपी कंवलजीत सिंह
प्रशासनिक अधिकारी: एसडीएम विश्वनाथ (जगाधरी), एसडीएम जसपाल सिंह गिल (व्यासपुर), एसडीएम रोहित कुमार (छछरौली), एसडीएम नरेन्द्र कुमार (रादौर)।
नगर निगम व योजना विभाग: उप निगम आयुक्त धीरज कुमार, जिला नगर योजनाकार (DTP) राजेश कुमार।
अन्य: डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, पीडब्ल्यूडी कार्यकारी अभियंता पुनित मित्तल, एनएचएआई के प्रतिनिधि और सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार।



