
बनसंतौर, यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर स्थित चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र (बनसंतौर) से केंद्र की सबसे बुजुर्ग सदस्य, ‘चंचल’ नामक हथिनी का सोमवार सुबह लगभग 8:00 बजे प्राकृतिक कारणों से निधन हो गया। चंचल की आयु लगभग 84 वर्ष थी। अब इस केंद्र में तीन मादा हाथी रह गई है जिसमें लक्ष्मी(67), लिली(47), लक्ष्मी-2(43) शामिल हैं।
वृद्धावस्था के कारण स्वास्थ्य था नरम
विभागीय जानकारी के अनुसार, चंचल पिछले काफी समय से वृद्धावस्था जनित बीमारियों और शारीरिक कमजोरी से जूझ रही थी। पुनर्वास केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका नियमित उपचार और विशेष डाइट चार्ट का पालन किया जा रहा था। सोमवार सुबह अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने के कारण उसने अंतिम सांस ली।
चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
मृत्यु के पश्चात वन्य जीव विभाग की ओर से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इस संयुक्त टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
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डॉ. अशोक खासा (वन्य जीव पशु चिकित्सक)
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डॉ. राहुल (GVH, छछरौली)
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डॉ. गौ चरण (SOS)
चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि मृत्यु का कारण प्राकृतिक (Natural causes) और अंगों का कार्य बंद कर देना रहा है।
सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद, पुनर्वास केंद्र परिसर में ही चंचल का अंतिम संस्कार (दफन) कर दिया गया। इस दौरान वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के SDO सतवीर सिंह, और हाथी केंद्र प्रबंधक आशिष कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
विभाग ने जताया गहरा शोक
वन्य जीव विभाग ने चंचल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि चंचल केंद्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी और उसके जीवनकाल में उसे हर संभव चिकित्सा सुविधा और स्नेह दिया गया।




