प्रताप नगर (यमुनानगर): वन्य प्राणी विहार खिल्लांवाला, चिक्कन, कांसली के जंगलों से अवैध रुप से काटी गई खैर की लकड़ी से भरी गाड़ी को वन्य प्राणी विभाग ने काबू कर लिया। इसके साथ ही एक आरोपी को भी पकड़ा गया है। इसकी शिकायत पुलिस को देकर मामला दर्ज करवा दिया गया है।

 2 मार्च 2026 को वन रक्षक (बीट इंचार्ज) छबील दास को सूचना मिली कि वन्य प्राणी विहार खिल्लांवाला, चिकन और कांसली के जंगलों से अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी को खिल्लांवाला निवासी मुंशी, आशिक और सालिम नामक व्यक्तियों ने अपने घरों में छिपाकर रखा है। इस लकड़ी को एक पिकअप गाड़ी में भरकर बाजार में बेचने के लिए ले जाया जाएगा।

​नाकाबंदी और गिरफ्तारी: सूचना मिलते ही वन्य प्राण विभाग के छबीलदास व अनुज ने प्रताप नगर पुलिस के साथ मिलकर भंगेड़ी गाँव के रास्ते पर नाकाबंदी की। दोपहर करीब 02:30 बजे एक महिंद्रा पिकअप (बुलेरो) आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर चालक और उसके साथी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर रियासत अली (निवासी जाटांवाला) को मौके पर ही दबोच लिया। उसका एक अन्य साथी मौके से भागने में सफल रहा।
बरामदगी: जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें खैर की लकड़ी के भारी मात्रा में कटे हुए टुकड़े बरामद हुए। जांच में पाया गया कि ये टुकड़े ‘वन्य जीव विहार’ क्षेत्र से काटे गए थे। गाड़ी को थाना प्रतापनगर लाया गया।
आरोपियों की सूची:
​FIR के अनुसार, इस तस्करी नेटवर्क में निम्नलिखित लोग शामिल पाए गए हैं:

​रियासत अली निवासी जाटांवाला, खिल्लांवाला निवासी,मुंशी,आशिक, सालिम,जुबैर जाटांवाला
कानूनी कार्रवाई और धाराएं:
​प्रताप नगर थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
​भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 303, 317(2), और 61। ​वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972: धारा 2(1), 2(12B), 2(14), 2(15), 2(24A), 2(36), 2(37), 9, 26(A), 27, 29, 39, 50, 51।

पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। बाकी वन्य प्राणी विभाग ने अपनी शिकायत में यह नहीं बताया कि कुल कितने पेड़ों का अवैध कटान हुआ व कितने पीस बरामद हुए।

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