यमुनानगर। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम को खुलेआम चुनौती देते हुए खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। डारपुर–इब्राहिमपुर वन्य प्राणी विहार क्षेत्र से काटी गई खैर की लकड़ी को बेचने के उद्देश्य से ले जाई जा रही एक कार (HR-06-V-3088) को वन्य प्राणी विभाग ने जब्त किया है। हालांकि आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
जंगल में दिखे कटे पेड़, शुरू हुई निगरानी
वन्य प्राणी विभाग कलेसर के इंसपेक्टर लीलू राम ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 6 बजे वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारियों को डारपुर जंगल क्षेत्र में खैर के 5 पेड़ों की ताजा कटी हुई मुंडिया दिखाई दीं। इसके बाद मौके की फोटो लेकर क्षति रिपोर्ट तैयार की गई और लकड़ी चोरों की तलाश शुरू कर दी गई। विभाग को विश्वसनीय सूचना मिली कि खैर की लकड़ी को कार में भरकर जंगल के रास्ते गांवों की ओर निकाला जाएगा।
रात में नाकाबंदी, चालक ने कार दौड़ाई
28 दिसंबर की रात करीब 11:35 बजे डारपुर जंगल मार्ग पर विभाग की टीम ने नाकाबंदी की। कुछ ही देर में इब्राहिमपुर की ओर से एक संदिग्ध कार आती दिखाई दी। टीम द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी और गांव डारपुर (फिरनी) में एक मकान में घुसा दी।
गाड़ी छोड़ कर हुए फरार
कार को घर में घुसाकर आरोपी खैर की लकड़ी छोड़ अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग गए। टॉर्च की रोशनी में कर्मचारियों ने उनकी पहचान कर ली। बाद में मौके पर पुलिस को बुलाया गया और कार को कब्जे में लेकर वन्य जीव निरीक्षक कार्यालय, कलेसर लाया गया।
20 लठ्ठे बरामद, 0.244 घन मीटर लकड़ी
कार से खैर की लकड़ी के 20 टुकड़े बरामद किए गए, जिनका कुल वॉल्यूम 0.244 घन मीटर आंका गया। यह लकड़ी संरक्षित वन क्षेत्र से काटी गई थी, जहां इस तरह की गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित है।
चार आरोपी नामजद, गिरफ्तारी अब तक नहीं
मामले में मुन्तजीर , कुर्बान, फरदीन (गांव जाटांवाला) तथा नूरहसन (गांव इब्राहिमपुर) को नामजद किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में वन्य प्राणी विभाग के इसंपेक्टर लीलू राम ने बताया विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 26A, 27, 29, 39, 50, 51 व 55 सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने न केवल अवैध कटाई की, बल्कि वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। वन्य प्राणी विभाग का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।





