पंचकूला। पंचकूला में आसरेवाली प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट में सामने आए अवैध कटान मामले ने वन एवं वन्य प्राणी विभाग में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। एक ओर जहां पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है, वहीं विभागीय स्तर पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मजेदार बात यह है कि जब मामला अभी अंडर इंवेस्टीगेशन है तो विभाग द्वारा कार्रवाई की जल्दबाजी समझ नहीं आ रही है।
मामले में पहले ही पुलिस द्वारा एक वन दरोगा सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार वन दरोगा को गिरफ्तारी से पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद विभागीय कार्रवाई तेज करते हुए पंचकूला के वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया।
कार्रवाई का दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहा। एसीएस के 20 मार्च के आदेशों के तहत पंचकूला के डीडब्लयूएलओ राजेंद्र प्रसाद को सस्पेंड कर उनका मुख्यालय रोहतक निर्धारित किया गया है। वहीं तत्कालीन मोरनी-पिंजौर क्षेत्र में तैनात और वर्तमान में यमुनानगर के डीएफओ विशाल कौशिक को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
फ्लाइंग स्क्वायड का गठन, अब होगी सख्त निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीसीसीएफ एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने एक विशेष फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया है। यह स्क्वायड वन्यजीव विंग के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखेगी।
जिन क्षेत्रों में होगी गश्त
- खोल हाय रायतन वन्य जीव विहार (पंचकूला)
- बीड़ शिकारगाह (पंचकूला)
- कलेसर वन्य जीव विहार (यमुनानगर)
- कलेसर नेशनल पार्क
स्क्वायड की संरचना:
- इंचार्ज: सहायक वन संरक्षक राजेश माथुर
- सदस्य:
- वाइल्ड लाइफ सब इंस्पेक्टर सोनू
- गार्ड अक्षय कुमार
- गार्ड प्रदीप कुमार
यह स्क्वायड सीसीएफ वाइल्ड लाइफ पंचकूला के नियंत्रण में कार्य करेगी और:
- नियमित गश्त करेगी
- हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी
- हर तीन दिन में रात के समय सरप्राइज विजिट करेगी
कार्रवाई के बीच विभाग ने तत्काल प्रभाव से नए चार्ज भी सौंप दिए हैं:
- राजीव गर्ग को पंचकूला डीडब्लयूएलओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया
- सुनील कुमार (पानीपत) को पंचकूला वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया



