व्यासपुर,यमुनानगर। जिले के उप-मंडल क्षेत्र व्यासपुर में चल रहे गन्ना क्रशर क्षेत्र की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन क्रशरों से निकलने वाले काले धुएं ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है।  इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय वासी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयुक्त (नई दिल्ली), हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उपायुक्त यमुनानगर को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है

 वीरवार को स्थानीय नागरिक ने एक वीडियो बनाकार वायरल किया जिसमें गन्ना क्रेशर पर ईंधन भटटी के पास वेस्ट प्लास्टिक जूते-चप्पलों के ढेर दिख रहे हैं। इस मामले में हरियाणा स्टेट पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेट्री ने संबधित अधिकारियों को चेकिंग के आदेश देने की बात कही है वहीं एसडीओ का कहना है मौके पर टीम को भेजा गया, जहां पर प्लास्टिक वेस्ट मिला है।

रात के अंधेरे में ‘अवैध ईंधन’ का खेल

शिकायत के अनुसार, क्षेत्र में सैकड़ों गन्ना क्रशर 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि लागत बचाने के चक्कर में लगभग कई गन्ना क्रशर मालिक सरकारी नियमों के विरुद्ध जाकर प्लास्टिक कचरा जूते चप्पल, रबर, पुराने टायर और अन्य अपशिष्ट सामग्री को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अवैध गतिविधि मुख्य रूप से रात के समय की जाती है ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके। सुबह होते ही पूरे इलाके में धुएं की एक मोटी काली चादर बिछी नजर आती है, जो किसी बड़े विस्फोट के बाद होने वाले मंजर जैसी प्रतीत होती है।

बीमार हो रहे लोग, सूख रहे पेड़-पौधे

ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र कभी अपनी हरियाली के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहाँ प्रदूषण का स्तर जानलेवा हो चुका है। जहरीले धुएं के कारण:

  • स्थानीय निवासी श्वसन संबंधी (सांस की) बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

  • प्रदूषण की मार से हरे-भरे पेड़-पौधे और फसलें सूखने लगी हैं।

  • रात भर जलने वाले कचरे से निकलने वाली दुर्गंध ने लोगों का घरों में रहना मुश्किल कर दिया है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

शिकायती पत्र में प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग के अधिकारी इस पूरी स्थिति से वाकिफ हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध रूप से चल रहे इन क्रशरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले क्रशर मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

इस बारे में जब हरियाणा स्टेट पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मैंबर सेक्रेट्री आईएएस योगेश कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि वह संबधित रीजनल आफिसर से बात कर चेकिंग के आदेश देंगे।

चेकिंग टीम ने जांच की, शोकाज नोटिस जारी किए गए : एसडीओ

वहीं पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड यमुनानगर के एसडीओ विभम नायक ने बताया कि सुबह उनको जैसे ही इससे संबधित वीडियो मिली तो उन्होंने मौके पर विभाग के जेई व अन्य कर्मचारियों को भेजा। जिस गन्ना क्रेशर की वीडियो वायरल हो रही है वहां पर वैसे ही प्लास्टिक वेस्ट मिला जैसा वीडियो में दिख रहा है। इसके अलावा अन्य गन्ना क्रशरों की भी जांच की गई। जिनको शोकाज नोटिस जारी किया गया। इस संबंध में नोटिस का जवाब मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस बारे में शिकायकर्ता ने कहा कि विभाग ने पहले भी नोटिस जारी किए थे। मगर कार्रवाई कुछ नहीं हुई, जब मौके से प्लास्टिक वेस्ट आदि मिला तो उनको जब्त क्यों नहीं किया गया।

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