यमुनानगर। जिले में यूजीसी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वर्ण समाज मोर्चा के आह्वान पर भारी संख्या में समाज के लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर इस कानून के खिलाफ एकजुटता और आक्रोश का प्रदर्शन किया। नेहरू पार्क में एकत्रित होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी एक्ट को स्वर्ण समाज के खिलाफ और समाज को तोडऩे वाला कानून बताते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी रोष मार्च निकालते हुए यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास की ओर रवाना हुए। जब प्रदर्शनकारी विधायक के निवास पर पहुंचे, तो वहां विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मौजूद नहीं मिले।
इसके बाद प्रदर्शनकारी करीब एक किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए विधायक के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी एक्ट को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि वह अपनी टिप्पणी के साथ यह ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे।
राष्ट्रीय स्वर्ण समाज मोर्चा के नेता सुंदर प्रताप सिंह राणा ने कहा कि देश में जो यूजीसी कानून थोपा गया है, वह समाज को जोड़ने वाला नहीं बल्कि तोड़नेे वाला कानून है। इससे समाज अलग-अलग वर्गों में बंट जाएगा।
सुंदर प्रताप सिंह राणा ने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति किसी स्वर्ण के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराता है और बाद में वह झूठा साबित होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस कानून को फूट डालो और राज करो की नीति करार देते हुए कहा कि इससे कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में गुटबाजी बढ़ेगी और सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा। अगर सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो समाज संसद तक संघर्ष करेगा।
इस मौके पर योगेश शर्मा, पुरुषोत्मलाल, बालकृष्ण भट्ट, सुरेश शर्मा, संजय शर्मा व नितिन शर्मा सहित काफी मात्रा में समाज के लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। विधायक आवास और कार्यालय के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।




