
यमुनानगर: हरियाणा वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF – HoFF) के. सी. मीणा (IFS) शनिवार को यमुनानगर का आकस्मिक दौरे पर पहुंचे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वन संसाधनों के संरक्षण, आगामी गर्मियों की तैयारियों की समीक्षा और विभाग की उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण करना था।
फर्नीचर यूनिट में दिखेगा आधुनिकता का रंग
दौरे की शुरुआत में पीसीसीएफ मीणा ने हरियाणा वन विकास निगम लिमिटेड की फर्नीचर यूनिट का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां बन रहे फर्नीचर की फिनिशिंग और गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिकने के लिए आधुनिक मशीनरी और नवीनतम तकनीकों को अपनाना होगा। उन्होंने कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी कार्यकुशलता को और बढ़ाएं ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।
अवैध कटान और वन्यजीव अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
छछरौली रेंज के जंगलों का जायजा लेते हुए पीसीसीएफ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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सतर्कता: अवैध कटान रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाए।
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समन्वय: वन एवं वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वन्यजीव शाखा के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाएं।
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अनिवार्य उपस्थिति: सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर तैनात रहना होगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई (Quick Response) सुनिश्चित की जा सके।
वनाग्नि (Forest Fire) के लिए ‘अलर्ट मोड’ पर विभाग
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पीसीसीएफ मीणा ने वन अग्नि की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की प्रारंभिक पहचान और टीमों के बीच बेहतर तालमेल ही जंगलों को बड़े नुकसान से बचा सकता है। उन्होंने सभी कर्मियों को हर समय तैयार रहने और संसाधनों का उचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों का बढ़ाया उत्साह
फील्ड स्टाफ के साथ संवाद के दौरान पीसीसीएफ मीणा ने उनके कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण न केवल एक जिम्मेदारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। उनके इस दौरे से स्थानीय वन कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।




