सरकारी विभागों की रहस्यमयी चुप्पी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता, डेकडीवाला से ताजेवाला तक धड़ल्ले से जारी है अवैध परिवहन
प्रतापनगर (यमुनानगर): खंड प्रतापनगर में अवैध खनन का काला कारोबार अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। डेकडीवाला से लेकर ताजेवाला व नैनावाली के विस्तृत क्षेत्र में खनन माफिया बिना किसी डर के जमीनों का सीना छलनी कर रहे हैं। प्रशासन और खनन विभाग की लगातार निष्क्रियता के कारण करोड़ों रुपये का कच्चा माल चोरी हो रहा है।
भूड़कलां अड्डा: सुरक्षा में बड़ी चूक
इस पूरे अवैध कारोबार को रोकने में भूड़कलां अड्डा एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान साबित हो सकता है, लेकिन यहां स्थायी चेकिंग प्वाइंट की तैनाती न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों और जानकारों का मानना है कि यदि भूड़कलां अड्डे पर एक सख्त चेकिंग प्वाइंट बना दिया जाए, तो पक्के माल के साथ-साथ कच्चे माल के अवैध परिवहन पर भी लगभग पूरी तरह लगाम लग सकती है। यह स्थान अवैध रास्तों और मुख्य क्रशिंग प्लांट्स के बीच एक ‘फिल्टर’ का काम कर सकता है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर से आंखें मूंद रखी हैं।
भूमि कटाव: किसानों के लिए नया संकट
माफिया केवल कच्चे माल की चोरी ही नहीं कर रहे, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए एक स्थायी खतरा भी पैदा कर रहे हैं। जिन खेतों में अवैध खनन किया जा रहा है, अत्यधिक गहराई के कारण अब उनके आस-पास के खेतों के किनारे भी ढहने लगे हैं। इस वजह से ग्रामीण इलाकों में भूमि कटाव (Land Erosion) की गंभीर स्थिति पैदा हो रही है। किसान अपनी उपजाऊ भूमि को धीरे-धीरे गड्ढों में समाते हुए देखने को मजबूर हैं, जिससे भविष्य में खेती पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
धूल उड़ाते रास्ते, प्रशासन शांत
खनन विभाग से लेकर बाकी विभाग, सभी तंत्र इस तबाही को लेकर शांत बैठे हैं। सुबह होते ही क्षेत्र के हर रास्ते पर धूल-उड़ाती हुई खनिज सामग्री से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां देखी जा सकती हैं, जो सीधे तौर पर भूड़कलां और मांडेवाला के क्रशिंग व स्क्रीनिंग प्लांट्स पर जा रही हैं। पंचायती रास्तों के अलावा एचपीजीसीएल व सिंचाई विभाग के रास्तों का भी दुरुपयोग हो रहा है।
“प्रशासन के अवैध खनन रोकने के दावे पूरी तरह खोखले हैं। अवैध खुदाई से खेतों के किनारे टूट रहे हैं, जिससे हमारी जमीन का अस्तित्व खतरे में है। भूड़कलां पर नाका न होना माफिया के लिए सीधा निमंत्रण है।” — एक स्थानीय किसान
इस बारे में स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो के यमुनानगर प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम रवाना कर दी गई है। मौके पर क्या कुछ कार्रवाई होती है, उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।



