• मीटिंग्स में सख्ती, सड़कों पर ढील: जगाधरी–खारवन मार्ग पर ओवरलोडिंग बेलगाम

जगाधरी।जगाधरी से खारवन और आगे छछरौली को जोड़ने वाला मार्ग इन दिनों अवैध मिट्टी खनन और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों का गढ़ बनता जा रहा है। इस सड़क पर दिनभर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां ईंट-भट्ठों के लिए मिट्टी और भराव सामग्री ढोती नजर आती हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकांश वाहन न तो तिरपाल से ढके होते हैं और न ही उनके पास वैध ई-रवाना या खनन अनुमति होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खुले में मिट्टी ढोने के कारण पूरे दिन सड़क पर धूल के बादल छाए रहते हैं। इससे राहगीरों, दोपहिया चालकों और आसपास की रिहायशी कॉलोनियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।

ओवरलोडिंग से सड़कें जर्जर, हादसों का खतरा

ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों के कारण सड़क की हालत तेजी से खराब हो रही है। जगह-जगह गड्ढे और टूटे किनारे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इसके बावजूद रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) और खनन विभाग की ओर से नियमित जांच या सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आती।

नियम क्या कहते हैं, हकीकत क्या है

मिट्टी या किसी भी खनिज का परिवहन केवल वैध अनुमति और ई-रवाना के साथ किया जा सकता है।

परिवहन के दौरान सामग्री को तिरपाल से ढकना अनिवार्य है।

खनन स्थलों और परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव जरूरी है।वहीं हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के दिशा-निर्देश भी खुले परिवहन से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने की बात कहते हैं। लेकिन जगाधरी-खारवन रोड पर इन नियमों का पालन होता नहीं दिख रहा।

बिना नंबर प्लेट, व्यावसायिक इस्तेमाल भी सवालों के घेरे में
स्थानीय लोगों का दावा है कि मिट्टी ढोने वाली कई ट्रैक्टर-ट्रालियां बिना नंबर प्लेट के चल रही हैं और इनका लगातार व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। मोटर वाहन नियमों के तहत यह सीधा उल्लंघन है, जिसकी जिम्मेदारी आरटीए पर बनती है।

जांच के दावों पर उठे सवाल
पिछले कुछ वर्षों में करीब 10 किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों एकड़ भूमि से मिट्टी का खनन हो चुका है। सवाल यह है कि खनन विभाग ने इन साइटों की कितनी बार जांच की और कितने वाहनों के ई-रवाना चेक किए गए? जमीनी स्तर पर ऐसी किसी सख्त कार्रवाई के प्रमाण सामने नहीं आते।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

ओवरलोडिंग और प्रदूषण रोकने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बैठकों और निर्देशों की बात जरूर होती है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि प्रदूषण, सड़क क्षति और संभावित हादसों पर रोक लग सके।

इस बारे में रोड ट्रांसपोर्ट अथारिटी के एमवीओ हरप्रीत रंधावा ने बताया कि स्टाफ को भेज कर चेक करवाएंगे व कार्रवाई करेंगे। 

 

 

Sharing

Leave a Reply

error: Content is protected !!