• मंडी में गंदगी के अंबार, प्लास्टिक व पालीथीन के ढेर, देखने वाला कोई नहीं

छछरौली, जगाधरी। सब डिविजन छछरौली के अंतर्गत आने वाली मार्किट कमेटी छछरौली की मंडियों में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है, वह भी तब जब हर वर्ष लाखों रुपया इनकी सफाई पर खर्च किया जा रहा है, लेकिन मंडियों में जाकर देखने से नहीं लगता कि यहां पर कोई सफाई करता होगा। मंडी फड़ से लेकर हर जगह कूड़ा कचरा गंदगी बिखरी पड़ी है। मंडियों की सफाई व्यवस्था की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

मार्किट कमेटी छछरौली के अतंर्गत छछरौली, प्रतापनगर  मंडी व खारवन खरीद केंद्र आता है। यहां पर मंडी सीजन में ही बदहाली रहती है उसके बाद तो जैसे कोई पूछने वाला ही  नहीं रहता है। मंडी में गंदगी के अंबार चारों ओर लगे रहते है।

इस कमेटी के अंतगर्त आने वाली व इस सीजन की सबसे चर्चित मंडी प्रतापनगर में किसी भी कोने को देख लिया जाए तो गंदगी के ढेर लगे हुए है। खिजरी रोड के समीप के गेट से जैसे ही अंदर घुसते है दीवार के साथ पालीथीन, कचरा बिखरा रहता है। यहीं पर बस स्टैंड के पीछे तो मंडी के अंदर की ओर तालाब बना हुआ है। इसके साथ हर जगह कूड़ा कचरे के स्टाक लगे हैं। यही हाल मंडी के मुख्य फड़ का भी है यहां पर तो गंदगी के ढेर में डिस्पोजल व पालीथीन को जलाया जाता है जहां पर धुएं के गुब्बार उठ रहे होते हैं।

सफाई के नाम पर मार्किट कमेटी हर माह 30 हजार खर्च करती है
मंडी अधिकारियों के अनुसार ही हर माह सफाई के नाम पर लगभग 30 हजार खर्च किया जाता है अब खर्च किया कहां जाता है किसी को पता नहीं मंडी की हालत तो हर एक को दिखती है। यही हाल छछरौली मंडी का भी रहता है। मार्किट कमेटी कार्यालय के समीप ही गंदगी दिखाई दे जाती है। अब अगर हालत ऐसी ही रहनी है तो आखिर पैसे की बर्बादी क्यों होती है। मार्किटिंग बोर्ड के आला अधिकारी मार्किट कमेटी की इस लापरवाही की ओर ध्यान क्यों नहीं देते हैं।

 

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