
यमुनानगर: हरियाणा सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। उपायुक्त (DC) प्रीति ने स्पष्ट किया है कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख कार्रवाई और प्रशासनिक कदम:
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24/7 निगरानी प्रणाली: जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीमें यमुना नदी सहित सभी नदी-नालों और संवेदनशील रास्तों पर दिन-रात पहरा दे रही हैं।
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ई-रवाना (e-Rawana) अनिवार्य: बिना वैध ई-रवाना बिल के खनिज ले जाने वाले वाहनों को सीधे सीज (Seize) किया जा रहा है और उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
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अधिकारियों की फील्ड तैनाती: सभी एसडीएम, पुलिस और खनन अधिकारियों को फील्ड में रहकर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले कुछ घंटों में कई वाहनों को पकड़ा गया है:
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छछरौली (ताजेवाला): एसडीएम रोहित कुमार ने बताया कि माण्डेवाला गांव के पास एक जेसीबी (JCB) और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कच्चे रास्ते के पास पकड़ा गया है।
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बेगमपुर: यहाँ दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बिना वैध ई-रवाना बिल के चलते सीज किया गया।
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रादौर: एसडीएम नरेंद्र कुमार ने बताया कि घेसपुर चुंगी पर रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा, जिसके पास खनिज से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं थे।
DC प्रीति का कहना:
“हमारा लक्ष्य जिले में पारदर्शी और नियमबद्ध खनन सुनिश्चित करना है। जो भी व्यक्ति या समूह नियमों की अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन अवैध खनन और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”




