चंडीगढ़। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा शुक्रवार को चंडीगढ़ में स्प्यूरियस (मिलावटी/नकली) दवाओं और NDPS ड्रग्स पर एक अंतरराज्यीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह अपने प्रकार का देश में पहला बड़ा आयोजन था, जिसमें सात राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर्स, पुलिस विभाग और CID के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सेमिनार का उद्देश्य पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, नकली दवाओं की रोकथाम करना तथा NDPS ड्रग्स के दुरुपयोग को नियंत्रित करना था। इसके लिए विभिन्न राज्यों के विभागों के बीच सूचनाओं के आदान–प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण और आपसी सहयोग पर बल दिया गया। सेमिनार का उद्घाटन हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) श्री सुधीर राजपाल ने किया।

डॉ. मनोज कुमार ने विभिन्न राज्यों में हुई उपलब्धियों और FDA हरियाणा द्वारा NDPS मामलों में की गई कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने आपसी समन्वय को अवैध दवा व्यापार रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।  सुधीर राजपाल ने कार्यशाला को “समय की आवश्यकता” बताते हुए कहा कि स्प्यूरियस दवाएं और NDPS तस्करी स्थानीय नहीं बल्कि एक अंतरराज्यीय चुनौती है। उन्होंने राज्यों के बीच डेटा शेयरिंग और ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।

पूर्व IPS अधिकारी डॉ. केशव कुमार ने स्प्यूरियस दवाओं, NDPS ड्रग्स और लेबलिंग/पैक साइज नियमों पर उपयोगी जानकारी साझा की। उन्होंने राष्ट्रव्यापी स्तर पर उल्लंघनकर्ताओं की डेटाबेस तैयार करने के प्रयासों के बारे में भी बताया। पूर्व जॉइंट कमिश्नर (महाराष्ट्र) ओ. एस. साधवानी ने नकली और NSQ दवाओं से बच्चों की मौत जैसे गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई और दवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील की।

हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने अवैध दवा तस्करी, दुरुपयोग और निम्न गुणवत्ता की दवाओं से मरीज सुरक्षा पर पड़ने वाले खतरे पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बहु-हितधारक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई। हिमाचल प्रदेश के ड्रग्स कंट्रोलर मनीष कपूर द्वारा स्प्यूरियस व NDPS ड्रग्स पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। पंजाब, हिमाचल और अन्य राज्यों के कई ड्रग्स कंट्रोलर्स ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सातों पड़ोसी राज्यों के 70 से अधिक अधिकारियों ने इस सेमिनार में भाग लिया। कार्यक्रम के निष्कर्ष राज्य एवं केंद्र सरकार के साथ साझा किए जाएंगे ताकि भविष्य में बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।FDA हरियाणा के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार, राज्य औषधि नियंत्रक ललित कुमार गोयल सहित मुख्यालय और फील्ड अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

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