- 21 पीस लकड़ी की कीमत 12 हजार आंकी गई, चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
पंचकूला / पिंजौर। मोरनी-पिंजौर डिविजन की पिंजौर रेंज के तहत आने वाले मल्लाह ब्लाक में वन्य प्राणी विहार बीड़ शिकारगाह के साथ लगते वन विभाग के जंगल से खैर के पांच पेड़ काट लिए गए। काटी गई लकड़ी को फारेस्ट स्टाफ ने गांव खड़कुआ के एक खेत से बरामद किया। लकड़ी को कब्जे में लेकर पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस ने शिकायत के बाद चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
वन विभाग की शिकायत के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली कि गांव खड़कुआ में एक व्यकित के खेत में खैर की लकड़ी को छिपा कर रखा गया है। वन विभाग का स्टाफ जब मौके पर पहुंचा तो वहां पर एक खेत में आम के पेड़ के नीचे अवैध लकड़ी बरामद की गई। जिसके ऊपर घास-फूस डालकर रखा गया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई व पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद वन विभाग की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया।बरामद खैर की लकड़ी को कब्जे में लिया गया। बरामद लकड़ी के कुल 21 लट्ठे पाए गए, जिनका कुल आयतन लगभग 0.961 घन मीटर बताया गया है। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि खड़कुआ गांव के पास डी.पी. 246 क्षेत्र में 5 खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे। इस अवैध कटान में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है।
वन विभाग की शिकायत पर थाना पिंजौर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 62, 324(4) तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32 और 33 के तहत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
21 पीस खैर की लकड़ी बरामद कीमत 12 हजार दर्शाई
एफआईआर में चोरी संपति का मूल्य 12 हजार रुपये दर्शाया गया है, यानी 5 पेड़ खैर की लकड़ी क्या केवल 12 हजार रुपये की थी। आजकल बालन यानी चूल्हे में जलाने वाली लकड़ी भी 800 रुपये किवंटल से कम नहीं है। ऐसे में वन विभाग की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि वह खैर के अवैध कटान के प्रति कितना गंभीर है।





