- डारपुर वन्य प्राणी विहार में अवैध कटान के आरोपियों को पकड़ने गए रखवाले को किया घायल
डारपुर, यमुनानगर।
वन विभाग की ड्यूटी निभा रहे वन्य प्राणी विभाग के एक रखवाले पर खैर लकड़ी तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। मामला डारपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र का है, जहां खैर की लकड़ी चोरी करते पकड़े जाने पर तस्करों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत रखवाले को घेरकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बुरी तरह पीटा। गंभीर रूप से घायल वन रक्षक को पहले सिविल अस्पताल प्रतापनगर और बाद में यमुनानगर सिविल अस्पताल रेफर किया गया।
रात गश्त के दौरान मिला इनपुट
उप वन रेंज अधिकारी मोबिन खान द्वारा थाना छछरौली में दी गई शिकायत के अनुसार, 3 जनवरी 2026 की रात वन विभाग की टीम डारपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र में गश्त पर तैनात थी। रात करीब 9:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि गांव रेड़ा, इब्राहिमपुर के कुछ शातिर आरोपी जंगल से खैर की लकड़ी चोरी करने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर टीम को सतर्क कर अलग-अलग स्थानों पर तैनाती की गई।
खैर तस्करों को पकड़ने गए तो किया हमला
रात करीब 10:30 बजे वन रखवाले राशिद ने जंगल के अंदर पेड़ काटने की आवाज सुनी। टॉर्च की रोशनी में उसने देखा कि आरोपी ताशिम और मतलूब अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी को कंधों पर लादकर भाग रहे हैं। कर्तव्य निभाते हुए राशिद ने उनका पीछा किया तो आरोपी खैर की लकड़ी अकरम के घर में डालकर भागने लगे। इसी दौरान पूर्व नियोजित साजिश के तहत अकरम, ताशिम, मतलूब व लियाकत ने मिलकर राशिद पर जानलेवा हमला कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने राशिद को सड़क पर घसीटा और अकरम के घर के अंदर ले जाकर लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से प्राणघातक हमला किया। हमले में राशिद गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हालत नाजुक हो गई।
मौके पर पहुंची वन टीम, बची जान
घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक इंचार्ज मोविन खान और वन रक्षक संदीप सिंह अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और राशिद को हमलावरों से छुड़ाया। घायल राशिद को तत्काल इलाज के लिए सिविल अस्पताल प्रतापनगर ले जाया गया, जहां से उसे यमुनानगर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मौके से कटे मिले 5 खैर के पेड़
घटना के बाद वन रक्षक संदीप सिंह व वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से खैर के 5 ताजे कटे पेड़ मिले, जिनके ठूंठ और लकड़ी के अवशेष जब्त किए गए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि चोरी की गई खैर की कीमती लकड़ी या तो आरोपियों ने अपने घरों में छिपा दी या बेच दी।
पुराने अपराधी, पहले से दर्ज हैं मामले
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नामजद आरोपी पहले से ही खैर लकड़ी चोरी के मामलों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद बेखौफ होकर वन संपदा की लूट और वन कर्मियों पर हमले किए जा रहे हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
थाना छछरौली में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 115(2), 351(2) सहित वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(12B), 2(14), 2(24A), 2(37), 26A, 27, 29, 39, 50 व 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एमएलआर में गंभीर चोटों की पुष्टि
डॉक्टर द्वारा जारी एमएलआर रिपोर्ट में घायल वन रक्षक के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें पाई गईं, जिनमें सिर पर ब्लंट इंजरी समेत कुल 7 चोटें दर्ज की गई हैं। पुलिस ने एमएलआर के आधार पर गंभीर धाराएं लगाई हैं।
वन्य प्राणी विभाग ने की सख्त कार्रवाई की मांग
विभाग ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर चोरी की गई खैर की लकड़ी बरामद की जाए और उनके घरों व अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में वन कर्मी बिना भय के अपनी ड्यूटी निभा सकें और वन व वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।





