प्रतापनगर, यमुनानगर। खनन विभाग की निष्क्रियता के चलते लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के मामलों पर अब खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय प्रतापनगर ने सख्त रुख अपना लिया है। बीडीपीओ प्रतापनगर अभिषेक आनंद ने पंचायती जमीन पर अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत ताजेवाला और कन्यावाला के सरपंचों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

ताजेवाला पंचायत में निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया अवैध खनन

बीडीपीओ कार्यालय प्रतापनगर द्वारा ग्राम पंचायत ताजेवाला को जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना प्राप्त होने के बाद पंचायत को अवगत कराया गया था। इसके पश्चात ग्राम पंचायत ताजेवाला द्वारा 31 दिसंबर 2025 को प्रस्ताव संख्या दो पारित किया गया।

दिनांक 1 जनवरी 2026 को बीडीपीओ, एसईपीओ, ग्राम सचिव तथा चौकीदार की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ खसरा नंबरों में अवैध खनन होना पाया गया। प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद पंचायत की ओर से प्रस्ताव डाला गया । इस मामले में सरपंच ग्राम पंचायत ताजेवाला से तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

कन्यावाला पंचायत को अवैध खनन रोकने के निर्देश

इसके अलावा ग्राम पंचायत कन्यावाला के सरपंच को भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि कन्यावाला क्षेत्र में पंचायती जमीन पर अवैध खनन की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। विशेष रूप से गांव बेलगढ़ में पंचायती भूमि पर कुछ दिनों से अवैध खनन जारी रहने की जानकारी सामने आई है।

बीडीपीओ कार्यालय ने पंचायत को निर्देश दिए हैं कि पंचायत स्तर पर अवैध खनन रोकने के लिए तुरंत प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अब तक पंचायत द्वारा अवैध खनन रोकने के लिए जो भी कदम उठाए गए हैं, उनकी विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर खंड कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

“निशानदेही के बिना स्पष्ट नहीं हो सकता अवैध खनन” — सरपंच

इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत कन्यावाला के सरपंच रीशू ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गांव में करीब 110 से 130 एकड़ के बीच पंचायती जमीन है, जिसकी अब तक विधिवत निशानदेही नहीं करवाई गई है। उन्होंने कहा कि बिना निशानदेही यह तय करना संभव नहीं है कि अवैध खनन पंचायत की जमीन पर हुआ है या किसी अन्य भूमि पर।

सरपंच ने बताया कि पंचायत वर्ष 2022 से लगातार पंचायती जमीन की निशानदेही के लिए प्रस्ताव भेज रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। निशानदेही न होने के कारण पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे भी बने हुए हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

प्रशासनिक सख्ती के संकेत

बीडीपीओ कार्यालय की इस कार्रवाई से यह संकेत मिल रहे हैं कि अब पंचायती जमीनों पर हो रहे अवैध खनन को लेकर प्रशासन सख्त रवैया अपनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों में भी इस तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

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