पंचकूला: हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और न्यायिक निर्देशों के अनुपालन को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक हलचल हुई है। हरियाणा वन विकास निगम (HFDC) के प्रबंध निदेशक ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पूरे प्रदेश में निगम द्वारा पेड़ों की कटाई की सभी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
मुख्यालय से जारी हुए लिखित निर्देश
निगम के पंचकूला स्थित मुख्यालय से जारी पत्र (क्रमांक 10, दिनांक 03.04.2026) के माध्यम से प्रदेश के सभी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में पेड़ों के कटान को तुरंत रुकवाएं। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आगामी आदेशों तक किसी भी परिस्थिति में पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी और सभी मौजूदा कार्यों को पूर्णतः स्थगित (Stayed) रखा जाएगा।
उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन
यह आदेश केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों का परिणाम है।
-
केस संदर्भ: सुनील कुमार शर्मा एवं अन्य बनाम भारत संघ (CM-156-CWPIL-2026)।
-
न्यायालय का रुख: कोर्ट ने 1 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश में वृक्षों की कटाई को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी।
-
कड़ाई से पालन: उच्च न्यायालय के आदेश के बिंदु संख्या 4 और 5 के विशेष संदर्भ में निगम ने यह कदम उठाया है ।
रिपोर्टिंग और निगरानी के आदेश
प्रबंध निदेशक ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे न केवल कटाई बंद करें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से कोई पेड़ न काटा जाए।
क्या होगा असर?
-
परियोजनाओं पर विराम: सड़कों के चौड़ीकरण या अन्य निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई अब आगामी आदेशों तक बंद रहेगी।
-
जिन ठेकों के तहत कटाई का काम चल रहा था, उन्हें तत्काल प्रभाव से मशीनरी और लेबर हटाने के निर्देश मिल सकते हैं।
-
पर्यावरण प्रेमियों में खुशी: लंबे समय से पेड़ों के कटान के खिलाफ आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निगम के इस प्रशासनिक आदेश का स्वागत किया है।




