नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने अवैध खैर लकड़ी तस्करी और उससे अर्जित काली कमाई के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जारी अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) के माध्यम से ईडी ने गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित करीब 11.3 करोड़ रुपये मूल्य की कुल 14 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।
ईडी के अनुसार यह कार्रवाई मुस्ताक आदम तसिया, ताहिर अहमद हुसैन और अन्य आरोपियों के खिलाफ की गई है। जांच की शुरुआत सूरत वन विभाग, मांडवी दक्षिण रेंज के रेंज वन अधिकारी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसमें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आया था।
बिना अनुमति खैर के पेड़ों की कटाई
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने गुजरात के व्यारा, तापी, सूरत, वलसाड, नवसारी और नर्मदा जिलों में स्थित वन्यजीव अभयारण्यों से बिना वन विभाग की अनुमति खैर के पेड़ों की अवैध कटाई की। इसके बाद इन लकड़ियों को राज्य की सीमाओं के बाहर बेच दिया गया, जिससे भारी मात्रा में अवैध आय अर्जित की गई।
प्राकृतिक आवास को भारी नुकसान
ईडी ने बताया कि इस अवैध गतिविधि से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी गंभीर क्षति पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लगातार इस अवैध कारोबार में संलिप्त थे और इसे संगठित तरीके से अंजाम दे रहे थे।
अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क
ईडी की जांच में आरोपियों द्वारा अर्जित 11.3 करोड़ रुपये की अपराध से जुड़ी संपत्ति की पहचान की गई, जिसके बाद उसे कुर्क करने की कार्रवाई की गई। ईडी ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य सहयोगियों व संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।




